Giridih News :सरिया का धरोहर और प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है आनंद भवन आश्रम

Giridih News :झारखंड के मानचित्र पर बड़की सरैया नगर पंचायत स्थित आनंद भवन आश्रम बंगाली समुदाय द्वारा स्थापित एक ऐतिहासिक धरोहर है, जो इस समुदाय के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित है. यहां का वातावरण अत्यंत शांत और भक्तिमय है.

यह आश्रम मुख्य रूप से ज्ञान, सेवा, ध्यान और साधना के लिए जाना जाता है. इस धरोहर की नींव और निर्माण कार्य ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हुआ था. यह आश्रम सात अप्रैल 1930 को रामनवमी के अवसर पर गुरुवर साधु सीताराम जी की उपस्थिति में स्थापित किया गया और इसका नाम आनंद भवन आश्रम रखा गया. यहां मां काली और राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं स्थापित की गयीं. उस समय से यहां नियमित त्रिसंध्या पूजा-आरती होती आ रही है. आश्रम के स्थापना के दिन से ही इसकी ख्याति फूलों की खुशबू की तरह चारों ओर फैल गयी.

हजारीबाग रोड स्टेशन से तीन सौ मीटर की दूरी पर है स्थित

यह आश्रम हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन से पूर्व दिशा में मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित चंद्रमारणी में अवस्थित है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर बंगाली समुदाय के साधु सीताराम जी के अनुयायी पूजा-अर्चना के लिए नियमित पहुंचते हैं.

नेत्रहीन होने के बाद भी दिव्य दृष्टि व ईश्वरीय शक्तियों से संपन्न थे

साधु सीताराम जी : साधु सीताराम जी को एक असाधारण व्यक्तित्व माना जाता था. कहा जाता है कि वे नेत्रहीन होने के बावजूद दिव्य दृष्टि और ईश्वरीय शक्तियों से संपन्न थे. उनका जन्म 22 नवंबर 1885 को हजारीबाग जिला अंतर्गत बरगड्डा गांव में एक ग्वाला परिवार में हुआ था. उनके पिता मणि महतो और माता नंदा देवी थी. जन्म के 12 वें दिन ही उन्हें चेचक हो गया, जिससे उनकी आंखों की रोशनी चली गयी. छह माह की उम्र में मां का देहांत हो गया और तीन साल की उम्र में पिता भी चल बसे. हालांकि, उनका बचपन दुखों से भरा रहा, फिर भी उनकी आध्यात्मिक रुचि बढ़ती गयी. उन्होंने समाज में लोगों को सुखमय जीवन जीने हेतु धार्मिक उपदेश दिये. काफी संख्या में बंगाली परिवार उनके शिष्य बन गये. आश्रम की स्थापना के मात्र दो वर्ष बाद 22 अप्रैल 1932 दिन शुक्रवार को उन्होंने सरिया में ही समाधि ली. उनका संपूर्ण साधन जीवन गुप्त रूप से व्यतीत हुआ. उनका बाल्यकाल का नाम सितवा था. किंवदंती है कि जब वे 11 वर्ष के थे, तब विंध्यवासिनी माता ने उन्हें काली की मूर्ति के माध्यम से दर्शन दिया था, और कहा था कि सरिया में एक आश्रम स्थापित करो, वहां मैं सदैव तुम्हें मिलूंगी. माता के आदेश और भक्तों के सहयोग से आनंद भवन आश्रम की स्थापना की. साधु सीताराम संगीत प्रेमी थे. नेत्रहीन होने के बावजूद वे वीणा वादन में निपुण थे. वे भगवान श्री कृष्ण, शिव और काली के परम भक्त थे. उन्होंने अपने जीवनकाल में कामाख्या, जगन्नाथपुरी धाम, कालीघाट,काशी, बैद्यनाथ धाम जैसे प्रमुख तीर्थों की अनेक बार यात्राएं कीं. आज भी, सरिया स्थित आनंद भवन आश्रम अपनी आध्यात्मिक गरिमा और भव्यता के लिए जाना जाता है. वर्ष 2023 में आश्रम का वृहद जीर्णोद्धार किया गया. नाट मंदिर, समाधि मंदिर और स्मृति मंदिर, साधन कुटीर समेत कई भवनों का निर्माण किया गया है. यह मंदिर लगभग 11 एकड़ भूमि में फैला है. यहां आनेवाले श्रद्धालु और अनुयायियों के लिए कई बहुमंजिला इमारतें बनाई गई हैं.

पुष्प वाटिका का किया गया निर्माण

मंदिर की शोभा बढ़ाने के लिए यहां एक वृहत पुष्प वाटिका भी तैयार की गयी है, जिसमें गुलाब, गेंदा, चमेली, बेला, मालती, रातरानी, कामिनी, पारिजात, गुड़हल, सदाबहार, कनेर, सूरजमुखी आदि अनेक प्रजातियों के फूल खिले रहते हैं. यह बगीचा श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. इसके अतिरिक्त, परिसर में आम, इमली, लीची, बेल, अमरूद, जामुन, गुलाब जामुन, मौलश्री, सहजन, अशोक, देवदार, नीम, तुलसी, यूकेलिप्टस जैसे फलदार और औषधीय वृक्ष हैं.

चिड़ियों की चहचहाहट से गूंजता है आश्रम

यहां गौरैया, पपीहा, मैना, कोयल, बुलबुल, कौआ जैसी अनेक पक्षियों की चहचहाहट आश्रम को एक प्राकृतिक संगीत से भर देती है. साधु सीताराम जी के अनेक अनुयायी वर्तमान में भारत के विभिन्न हिस्सों में उच्च पदों पर आसीन हैं. हर वर्ष विशेष रूप से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या और वैशाख कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि को गुरुवर साधु श्री सीताराम जी महाराज के तिरोभावोत्सव में सैकड़ों भक्तगण आश्रम पहुंचते हैं. उनके अनुयायी बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, बेंगलुरु समेत अन्य राज्यों में फैले हुए हैं, जिनमें अधिकांश बंगाली समुदाय से हैं. वर्तमान में, इस आश्रम की शाखाएं कोलकाता, सरिया, बरगड्डा, ऋषिकेश आदि स्थानों पर हैं.

संचालन के लिए बना है ट्रस्ट

शाखाओं के संचालन केलिए आनंद भवन आश्रम ट्रस्ट की स्थापना की गयी है, जिसका मुख्य कार्यालय कोलकाता में स्थित है.इसके सभापति सुब्रतो बनर्जी, उपसभापति कमल बनर्जी व अभिजीत सन्याल, साधारण संपादक गौतम बनर्जी, सहायक सचिव रामनारायण दत्त, कोषाध्यक्ष अपर्णा सरकार, उप कोषाध्यक्ष नूपुर माजी, लोकल सचिव अनिल सामंतो, सदस्य सुमित मुखर्जी, तारक माजी व रोहन मित्र हैं.

(लक्ष्मी नारायण पांडेय, सरिया)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pradeep kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >