Giridih News :बाइक चोरी के पांचों आरोपित भेजे गये जेल

Giridih News : बाइक चोरी के एक मामले में हुई गिरफ्तारी को लेकर शनिवार को नगर थाना परिसर में सिटी डीएसपी नीरज कुमार सिंह और नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार ने प्रेस वार्ता की. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाइक चोरी के इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद कई लंबित मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है.

बताया कि नौ जनवरी को नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेताजी चौक के पास एंटी क्राइम अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान एक बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिये. जांच में तैनात एएसआई प्रमोद प्रसाद ने जब दोनों को रुकने का इशारा किया, तो वे बाइक मोड़कर भागने लगे. पुलिस बल ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया. दोनों बाइक संबंधित कागजात नहीं दिखा सके. पूछताछ में स्वीकार किया कि बाइक चोरी की है. गिरफ्तार युवकों ने अपना नाम रवींद्र साव और विजय साव बताया. दोनों पचंबा थाना क्षेत्र के गंदौरी गांव के रहने वाले हैं. पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि दोनों आरोपियों ने बाइक पंचाबा थाना के तिवारीडीह गांव निवासी सत्यनारायण पांडेय व सुनील दास से 15 हजार रुपये में खरीदी था.

निशानदेही पर अल्कापुरी से दो और की हुई गिरफ्तारी, मास्टरमाइंड है फरार

पकड़े गये युवकों की निशानदेही पर पचंबा थाना क्षेत्र के अल्कापुरी इलाके में छापेमारी कर सत्यनारायण व सुनील को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जो बाइक बेची थी, वह चोरी की थी. उन्होंने पुलिस को बताया कि बाइक तेलोडीह के मो ताज हसन और मो सदाब उर्फ मिट्ठू से खरीदी थी. यह जानकारी होने के बावजूद उसे नंबर बदलकर चलाने की बात कही थी. इसके बाद बाइक रवींद्र साव को बेच दिया. स्वीकारोक्ति के आधार पर पुलिस ने मोह ताज हसन को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, छापेमारी के दौरान गिरोह का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड मो सदाब उर्फ मिट्ठू मौके से फरार हो गया.

लगातार की जा रही है छापेमारी : डीएसपी

डीएसपी ने कहा कि सदाब की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. जल्द ही उसे गिरफ्तार कर पूरे बाइक चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया जायेगा. पुलिस ने सभी आरोपित को शनिवार को जेल भेज दिया.

पुरानी बाइक खरीदने से पहले कर लें कागजातों की जांच

सिटी डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को पुरानी बाइक या अन्य वाहन खरीदने से पहले उसके सभी कागजातों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए. वाहन की वैधता की पुष्टि डीटीओ कार्यालय या ट्रैफिक थाना से करायी जा सकती है, ताकि बाद में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके. छापेमारी में नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार, एसआई अरविंद सिंह, एएसआई प्रमोद प्रसाद व शिवसागर रजक, हवलदार महेश यादव, आरक्षी संजीव साव, अजीत सिंह व शाहिद अंसारी शामिल थे.

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Author: PRADEEP KUMAR

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