इधर, प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीर हो गया है. अनाथ बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में सकारात्मक पहल शुरू की गयी है. पति-पत्नी की मौत से उनके दो मासूम बच्चे रसिका मुर्मू (6) और अंशु मुर्मू (4) अनाथ हो गये हैं. दोनों बच्चे अपने दादा-दादी के पास रह रहे हैं. बता दें कि लगभग डेढ़ साल पूर्व ही बच्चों के नाना झुपर मुर्मू की भी मौत हो चुकी है. बच्चों के अनाथ होने की खबर मिलते ही गांडेय प्रशासन हरकत में आ गया है.
बीडीओ ने गांव भेजी टीम
बीडीओ निशात अंजुम के निर्देश पर बाल संरक्षण विभाग के सुबोध कुमार और पंचायत सेवक बैजनाथ वर्मा मृतक के घर पहुंचे. दोनों कर्मियों ने अनाथ बच्चों के दादा-दादी से वार्ता कर बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र और दंपती का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेज, गवाहों के आधार कार्ड आदि जमा लिया. मौके पर वार्ड सदस्य चरकू कोल सहित अन्य उपस्थित थे. बीडीओ ने कहा कि अनाथ बच्चों को सरकारी प्रावधान के तहत हरसंभव मदद किया जायेगा. बच्चों के आवश्यक दस्तावेज तैयार किये जा रहे हैं.
