सभी कार्यकारी एजेंसियों को सख़्त निर्देश दिया गया कि योजनाओं का क्रियान्वयन प्राक्कलन की विशिष्टियों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं वित्तीय नियमावली का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये. मौके पर डीसी रामनिवास यादव ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की. डीडीसी ने ग्राम सभा से पारित एवं जिला स्तरीय प्रबंधकीय समिति से अनुमोदित प्रस्तावों का बिंदुवार विवरण प्रस्तुत किया गया. बैठक में उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष चर्चा हुई. इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं खनन प्रभावित सहित जिले के अन्य प्रखंडों में पीवीटीजी परिवारों के आजीविका संवर्द्धन से संबंधित योजनाएं रखी गयीं. पर्यावरण संरक्षण, पेयजल आपूर्ति और अन्य प्राथमिकता प्रक्षेत्रों में पुल-पुलिया, पथ निर्माण, गार्डवाल निर्माण, स्टेडियम निर्माण, सौंदर्यीकरण, बस पड़ाव निर्माण एवं चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया.
सीमित संसाधनों से बेहतर का प्रयास
बैठक के अंत में शासी परिषद ने सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया. इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिले से अब तक स्वीकृत योजनाओं की प्रगति तथा विभिन्न मदों से लंबित पड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की गयी. बैठक में सभी लंबित योजनाओं को तय समय में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. डीएमएफटी मद के रूप में जिला में सीमित संसाधन हैं, इसमें जितना बेहतर हो सके इस दिशा में समेकित प्रयास करना है. डीसी ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए पारित सभी योजनाओं को जल्द ही क्रियान्वित किया जायेगा. इससे जिले के आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.
इनकी रही उपस्थिति
बैठक में गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, राज्यसभा सांसद डॉ सरफराज अहमद, डुमरी जयराम महतो, जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष संजय सिंह, कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, धनवार विधायक प्रतिनिधि अशोक कुमार उपाध्याय, उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.
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