Giridih News :250 वर्ष पूर्व नागा साधुओं ने हनुमान जी की थी प्रतिमा स्थापित

शहर के कुटिया मंदिर का इतिहास काफी गौरवशाली है. यह मंदिर राज्य का एक ऐसा मंदिर है, जहां हनुमान जी की दो प्रतिमाएं स्थापित हैं. कहा जाता है कि नागा साधुओं ने पहाड़ के नीचे करीब 250 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना की थी.

मंदिर बनने के बाद लोगों ने बड़े-बड़े इंजीनियर और पहलवानों को बुलाकर हनुमान जी की प्रतिमा को उठा कर मंदिर निर्माण करने का प्रयास किया, लेकिन प्रतिमा को कोई हिला तक नहीं सका. इसके बाद लोग पहाड़ के नीचे स्थित कुटिया में जाकर हनुमानजी का दर्शन करते थे. इसके बाद यहां नीचे में भव्य मंदिर का निर्माण कराया और फिर ऊपर में एक और नये हनुमान मंदिर की स्थापना की. रामनवमी के मौके पर यहां न सिर्फ गिरिडीह बल्कि दूर-दराज से श्रद्धालु पूजा करने के लिए आते हैं.

पूजा की शुरुआत के बाद नहीं दिखे नागा साधु

प्राचीन कुटिया मंदिर अखाड़ा कमेटी के नीलकमल भारतीया ने बताया कि यहां 250 वर्ष पूर्व नागा साधुओं ने मिलकर प्रतिमा की स्थापित कर पूजा की शुरूआत की थी, हालांकि पूजा की शुरुआत करने के बाद नागा साधुओं को किसी ने नहीं देखा. कई बार लोगों ने इन नागा साधुओं की खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला. करीब 75 साल तक यहां लोगों ने कुटिया बनाकर पूजा की शुरुआत की.

सबसे अनोखी होगी झांकी

बताया कि इस बार रामनवमी में यहां से भव्य और सबसे अलग झांकी निकलेगी. इसमें बाहर से आये कलाकार शामिल होंगें. कहा कि इस बार यहां से निकलने वाली झांकी गिरिडीह जिले के लिए सबसे अनोखी होगी.

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Published by: Pradeep kumar

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