संदीप ने कहा कि बगोदर की जनता अंधेरे और गर्मी में जीने को मजबूर है, जबकि जनप्रतिनिधि अपने घरों में जनरेटर में आराम कर रहे हैं. आरोप लगाया कि पावर ग्रिड और सब-स्टेशनों को जरूरत के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है, जिसके लिए बिजली विभाग के अधिकारी ही नहीं, बल्कि स्थानीय विधायक और सांसद भी जिम्मेदार हैं. उनके अनुसार क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गयी है.
चार-पांच घंटे ही हो रही बिजली आपूर्ति
चार-पांच घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है. प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया. कहा कि यदि बिजली आपूर्ति को 18-20 घंटे नहीं की गयी, तो 26 अप्रैल को बगोदर, सरिया और बिरनी में उग्र आंदोलन होगा. जरूरत पड़ने पर राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों को अनिश्चितकालीन जाम किया जायेगा.
