गिरिडीह. अपनी मांगों को लेकर एनआरएचएम के अनुबंध कर्मी मंगलवार को 15वें दिन भी सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष हड़ताल पर डटे रहे. अगुआई डीपीएम राजवर्धन ने की. मौके पर उपस्थित अनुबंध कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण राज्य भर में 1892 एमपीडब्ल्यू बेरोजगार हो गये हैं. केंद्र सरकार के आदेशानुसार राज्य सरकार को हर वर्ष कुल कर्मियों के 20 प्रतिशत कर्मियों का समायोजन करना है, परंतु राज्य सरकार ऐसा नहीं कर रही है. संघ के कोषाध्यक्ष महेश प्रसाद वर्मा ने कहा कि हड़ताल से मलेरिया विभाग का कार्य ठप हो गया है. आउट डोर मरीजों को चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल रही है. एमपीडब्ल्यू के विभाग में नहीं रहने से सुपरवाइजर व एमटीएस भी काम नहीं कर पा रहे हैं. कहा कि 11 अगस्त को विभाग के प्रधान सचिव बीके त्रिपाठी समेत अभियान निदेशक, संयुक्त सचिव, निदेशक प्रमुख से लिखित वार्ता हुई थी. वार्ता के उपरांत सरकार अनुबंध कर्मियों की सेवा को समायोजित नियमित नहीं कर रही है. कहा कि अगर 22 अक्तूबर को आयोजित कैबिनेट की बैठक में हमारी मांग को पारित नहीं किया गया तो अब उग्र आंदोलन किया जायेगा. मौके पर आदेरन टूटी, कुमारी स्मिता, सरिता कुमारी, पिंकी कुमारी, सुबोध चंद्र महतो, ओमप्रकाश शर्मा, शंभु महथा, महेश प्रसाद वर्मा, मनोज कुमार शर्मा, धु्रवेंद्र भारती, ब्रजेश कुमार, सरताज, नीलमणि पांडेय आदि मौजूद थे.
15वें दिन भी हड़ताल पर डटे रहे एनआरएचएम कर्मी
गिरिडीह. अपनी मांगों को लेकर एनआरएचएम के अनुबंध कर्मी मंगलवार को 15वें दिन भी सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष हड़ताल पर डटे रहे. अगुआई डीपीएम राजवर्धन ने की. मौके पर उपस्थित अनुबंध कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण राज्य भर में 1892 एमपीडब्ल्यू बेरोजगार हो गये हैं. […]
