24.53 लाख किसानों के खातों में गये 400 करोड़ रुपये
गिरिडीह : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आजादी के 67 साल तक किसानों की सुध नहीं ली गयी. इससे किसान आत्महत्या को मजबूर हुए. लेकिन हमारी सरकार की सोच है कि कृषि कार्य के लिए किसान किसी के सामने हाथ न फैलायें. मुख्यमंत्री बुधवार को गिरिडीह में ‘मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना’ के तहत दी जानेवाली दूसरी किस्त के वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे.
मुख्यमंत्री ने कहा : किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने और उनकी आय दोगुनी करने के लिए 2014 के बाद केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना प्रारंभ की. इसके तहत देशभर के किसानों को अगले 10 वर्ष तक कृषि कार्य के लिए छह हजार रुपये प्रदान किये जायेंगे.
केंद्र से प्रभावित होकर और किसानों को डबल फायदा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने भी मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ किया. इसके तहत किसानों को दूसरी किस्त की 25% राशि दी जा रही है. जल्द ही तीसरी किस्त भी दी जायेगी. सरकार ने झारखंड के 35 लाख किसानों के खाते में तीन हजार करोड़ रुपये देने का लक्ष्य तय किया है.
इस योजना से वंचित किसान जल्द अपना निबंधन करायें और योजना की पहली व दूसरी किस्त का लाभ लें. समारोह में गिरिडीह जिले के 1.80 लाख किसानों को मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना की दूसरी किस्त प्रदान की गयी. साथ ही गिरिडीह जिला के लिए 304 करोड़ रुपये की योजनाओं का उदघाटन/शिलान्यास और परिसंपत्तियों का वितरण किया गया.
मुख्यमंत्री ने एनआरएलएम के तहत 3100 सखी मंडल को बैंक लिंकेज के माध्यम से 31 करोड़ रुपये का चेक सौंपा. कृषि की आधुनिक तकनीक से अवगत कराना सरकार का कर्तव्य मुख्यमंत्री ने बताया कि आधुनिक तकनीक से फसलों के ज्यादा उत्पादन की बारीकियों से अवगत कराने के लिए सरकार ने दो बार किसानों को इजराइल भेजा है. इजराइल से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे किसान अब मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने क्षेत्र के किसानों को खेती की बारीकियों से अवगत करा रहे हैं.
पशुपालन भी अपनायें किसान
मुख्यमंत्री ने किसानों से अनुरोध किया कि सिर्फ कृषि के बल पर किसान अपनी आय को दोगुना नहीं कर सकते. इसके लिए पशुपालन भी सहायक हो सकता है. यही वजह है कि राज्य की गरीब बहनों को 90 प्रतिशत अनुदान पर गाय दी जा रही हैं. युवा भी युवा मंडल बनाकर डेयरी फार्म प्रारंभ करें. सरकार उन्हें 50 प्रतिशत अनुदान देगी. ऐसा हुआ तो हम झारखंड में श्वेत क्रांति का आगाज कर सकते हैं.
किसानों के लिए अलग फीडर की हो रही है व्यवस्था
श्री दास ने बताया कि खेती के लिए सिंचाई के साधनों का होना जरूरी है. पूर्व में बड़े-बड़े बांध बने, लेकिन उसका फायदा किसानों को नहीं मिला. वर्तमान सरकार नदियों में छोटा बांध बनाने और वर्षा के जल को रोकने की योजना है, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके.
किसानों के लिए अलग फीडर का निर्माण किया जा रहा है, जहां से छह घंटे सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली की आपूर्ति की जायेगी. मौके पर कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी, विधायक निर्भय शाहाबादी, कृषि निदेशक छवि रंजन, उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा समेत किसान, सखी मंडल की महिलाएं उपस्थित थीं.
