कोनार नहर परियोजना. पहले किसानों को मुआवजा भुगतान की मांग
हजारीबाग से पहुंचे जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता
ग्रामीणों से सहयोग का किया आग्रह
बगोदर : कुसमर्जा पंचायत के घोसकोगांव में कोनार नहर का तटबंध टूटने के पांचवें दिन ग्रामीणों के विरोध के बाद मरम्मत का काम बंद करा दिया गया है. रविवार को टूटे तटबंध की मरम्मत शुरू की गयी थी. सोमवार को काम कराने आये विभाग के सहायक अभियंता से ग्रामीणों ने पहले मुआवजा फिर काम की बात कही. ग्रामीणों के आक्रोश के सामने वहां काम कराने आये अधिकारी काम रोकने को बाध्य हो गये.
इससे सोमवार दिनभर काम ठप रहा. इसकी सूचना पर जल संसाधन विभाग हजारीबाग के मुख्य अभियंता अशोक कुमार सिंह ने स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से सहयोग का आग्रह किया. कहा किसानों को जो नुकसान हुआ है,उसका मुआवजा सरकारी मापदंड के अनुसार भुगतान किया जाएगा. इसके बाद भी ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. विरोध करने वाले किसानों में खजमुद्दीन अंसारी, महेंद्र राउत, तालो पंडित, अनवर अंसारी, रीतलाल पंडित, अनवर अंसारी, मासुम अंसारी, समसुल अंसारी, जब्बार अंसारी, गुलाम मुस्तफा, सेवा पंडित, कासिम अंसारी, आरिफ अंसारी, शमीम अंसारी, इमामुद्दीन अंसारी शामिल थे.
सर्वेक्षण होते ही होगा भुगतान : विधायक
बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने कहा है कि टूटे नहर की मरम्मत का काम जनहित में हो रहा है. नहर टूटने से जितने भी किसानों को नुकसान पहुंचा है उसका सर्वेक्षण चल रहा है. इसके लिए उपायुक्त की ओर से गठित कमेटी सर्वेक्षण कर रही है. सर्वेक्षण का प्रतिवेदन सरकार के पास जाते ही किसानों को मुआवजा का भुगतान हो जाएगा. ऐसे में तटबंध की मरम्मत का काम किसान रोकते हैं तो यह जनहित के खिलाफ उठाया गया कदम है. कहा कि नहर की मरम्मत नहीं होती है तो इससे स्थानीय किसानों को काफी नुकसान होगा. विभाग पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में काम कराये, ताकि योजना का कार्य जल्दी पूरा हो सके.
