बेंगाबाद : उत्क्रमित उच्च विद्यालय छोटकी खरगडीहा से एक शिक्षक का प्रतिनियोजन दूसरे विद्यालय में किये जाने से मंगलवार को यहां का माहौल भावुक हो गया. मंगलवार सुबह जैसे ही प्रतियोजित होने वाले शिक्षक प्रताप कुमार स्कूल पहुंचे तो छात्र-छात्राएं उन्हें घेरकर रो पड़े. 10वीं की छात्रा मनीषा कुमारी, पूजा कुमारी, गुलशन खातून समेत कई छात्राएं रोते-रोते अचेत हो गयीं.
बाद में उन्हें पानी का छींटा मारकर होश में लाया गया. हालांकि, विद्यालय के शिक्षकों के अलावे स्थानीय मुखिया महेंद्र प्रसाद वर्मा ने बड़ी मशक्कत से माहौल को नियंत्रण में किया. इधर, शिक्षकों की कमी के बावजूद भी बेहतर रिजल्ट देने वाले इस स्कूल के शिक्षक का प्रतिनियोजन करने से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में आक्रोश भी है.
विषयवार नहीं हैं शिक्षक : प्रधानाध्यापक : विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक उमाशंकर राम ने बताया कि यहां पर वर्ग नौ और दस में 263 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. इन विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए यहां चार शिक्षक पदस्थापित हैं. जिसमें इतिहास के लिये वे स्वयं, अर्थशास्त्र के लिये माधुरी कुजूर, अंग्रेजी के लिए मो परवेज आलम और भूगोल के लिए प्रताप कुमार पदस्थापित हैं.
कहा कि प्रताप कुमार का प्रतिनियोजन जिला से नावाहार उच्च विद्यालय में कर दिया गया है, जबकि वहां पूर्व से ही भूगोल विषय के शिक्षक लुप्पी से प्रतिनियोजित किया गया है. एक ही विषय के लिए दो शिक्षकों का प्रतिनियोजन करना विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है. कहा कि शिक्षकों की कमी को पूर्व में भी डीइओ को अवगत कराया गया था,लेकिन उल्टे यहां से शिक्षक को कम किया जा रहा है.
जनप्रतिनिधियों ने जताया विरोध
20 सूत्री प्रखंड अध्यक्ष सह मुखिया महेंद्र प्रसाद वर्मा ने कहा कि विभाग यहां के छात्र-छात्राओं के हित में अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे. कहा कि यहां विषयवार शिक्षक नहीं हैं, उसके बाद भी बेहतर रिजल्ट रहा है. ऐसे में शिक्षक को कम किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. वहीं वार्ड सदस्य कविता देवी, पंसस प्रतिनिधि बाबुचंद साव ने भी विभाग के निर्णय को गलत बताया है.
प्रतिनियोजन निरस्त नहीं करने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी
उत्क्रमित उच्च विद्यालय छोटकीखरगडीहा के विक्की कुमार पंडित, विशाल कुमार, आरिफ अंसारी, मुन्ना अंसारी, सोनाली, मुस्कान, मनीषा, प्रिया, ताजमा, सहित अन्य छात्र छात्राओं ने कहा कि इस विद्यालय में विषयवार शिक्षक नहीं हैं. किसी तरह से चार शिक्षक बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं.
इस बार मैट्रिक की परीक्षा में बेहतर रिजल्ट इसका उदाहरण है. कहा कि इसके बाद भी विभाग यहां से शिक्षक को अन्य विद्यालय में स्थानांतरण कर रहे हैं जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के समान है. कहा कि विभाग प्रताप कुमार के नियोजन को निरस्त नहीं करता है तो छात्र-छात्राएं विभाग के खिलाफ सडक पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
भावना में बह गयी थीं बच्चियां : डीइओ
गिरिडीह : डीइओ पुष्पा कुजूर ने कहा कि बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत छोटकी खरगडीहा उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शिक्षक के प्रतिनियोजन के बाद बच्चियों के आहत होने की सूचना उन्हें भी मिली थी. चूंकि शिक्षक प्रताप कुमार काफी दिनों से उक्त विद्यालय में पदस्थापित थे, इस कारण उनके पढ़ाने के तौर-तरीके से बच्चियां काफी संतुष्ट थीं. जब बच्चियों को पता चला कि उनका प्रतिनियोजन नावाहार उत्क्रमित उच्च विद्यालय में कर दिया गया है तो बच्चियां क्षुब्ध हो गयी और इस खबर को सुनकर कई रोने लगीं.
कहा कि सरकारी सेवा में स्थानांतरण या प्रतिनियोजन एक सामान्य प्रक्रिया है. नावाहार के प्रधानाध्यापक 31 जुलाई को सेवानिवृत हेा रहे हैं, ऐसे में विद्यालय बंद न हो जाये, इसलिये प्रताप कुमार समेत तीन शिक्षकों का प्रतिनियोजन वहां किया गया है, क्योंकि उक्त विद्यालय में 800 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं.
