गिरिडीह : जिस पर गुड़िया ने भरोसा किया उसी ने उसे दगा दिया. मालूम हो कि गुड़िया का पति उसे अकेला छोड़कर कहीं चला गया है. पति के आने की उम्मीद में गुड़िया तीन दिनों तक शहर में भूखी-प्यासी डटी रही. लेकिन पति नहीं आया तो वह उसे खोजने निकल पड़ी.
इसी क्रम में वह भूखी रहने के कारण सड़क पर गिर गयी. बाद में स्थानीय लोगों ने उसे सदर अस्पताल में भरती कराया. जहां पर उसका इलाज चल रहा है. अस्पताल में इलाजरत गुड़िया देवी ने बताया कि उसका मायका मुफस्सिल थाना इलाके के मटरुखा में है. वर्ष 2002 में उसकी शादी अहिल्यापुर के रहनेवाले लखपत पंडित के साथ हुई. शादी के बाद लखपत उसे लेकर धनबाद चला गया.
लखपत धनबाद में ही एकल विद्यालय में पढ़ाने का काम करता था. गुड़िया ने बताया कि बच्चा नहीं होने के कारण लखपत उसे हमेशा पीटते रहता था. तीन दिन पूर्व लखपत उसे लेकर गिरिडीह पहुंचा और एक लॉज में ठहरा कर कहीं चला गया. गुड़िया ने बताया जिस दिन लखपत ने उसे लॉज में छोड़ा उसी दिन से उसका मोबाइल भी बंद है. इधर अस्पताल में चिकित्सिकों ने गुड़िया का इलाज किया और मामले की जानकारी पुलिस को दी. हालांकि समाचार लिखे जाने तक महिला का बयान लेने पुलिस अस्पताल नहीं पहुंची थी.
