जज्बे को सलाम: बचपन में कट गये थे हाथ, मुंह से लिख रहा है परीक्षा

सरिया : इच्छाशक्ति दृढ़ हो और मन में किसी चीज के प्रति जुनून हो तो कुछ भी नामुमकि न नहीं. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बि रनी के मझिलाडीह निवासी कलीम अंसारी ने. उसके दोनों हाथ नहीं हैं, बावजूद वह मैट्रिक की परीक्षा दे रहा है. वह पलौंजिया उच्च विद्यालय का छात्र है. सरिया […]

सरिया : इच्छाशक्ति दृढ़ हो और मन में किसी चीज के प्रति जुनून हो तो कुछ भी नामुमकि न नहीं. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बि रनी के मझिलाडीह निवासी कलीम अंसारी ने. उसके दोनों हाथ नहीं हैं, बावजूद वह मैट्रिक की परीक्षा दे रहा है. वह पलौंजिया उच्च विद्यालय का छात्र है. सरिया नेताजी पार्क स्थित संत मेरी पब्लि क स्कूल में उसका सेंटर है. कलीम ने बताया कि जब सात साल का था, तभी वह करंट की चपेट में आ गया था.

इस घटना में उसके दोनों हाथ बुरी तरह जल गये थे. पिता युनूस अंसारी राजमिस्त्री का काम कर किसी तरह घर चलाते हैं. उन्होंने अपने सामर्थ्य के अनुसार इलाज कराया, परंतु कलीम के हाथों को ठीक नहीं किया जा सका. इसके बाद भी उसने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई जारी रखी.

मुंह में कलम लेकर लिखने का अभ्या स किया और एक के बाद एक कक्षाओं की परीक्षा पास करता गया.

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