युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान समझने की जरूरतः आचार्य देवेंद्र

विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ी लोगों की भीड़. जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा पूरा मैदान

विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ी लोगों की भीड़. जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा पूरा मैदान प्रतिनिधि, भंडरिया भंडरिया प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय मैदान रविवार को सनातन चेतना और आस्था के महाजुटान का साक्षी बना. यहां आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में प्रखंड के विभिन्न गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं की भीड़ उमड़ी. सम्मेलन के दौरान पूरा मैदान जय श्रीराम और सनातन धर्म की जय के जयघोष से गूंजता रहा. कार्यक्रम का उद्घाटन बनारस से आये भागवत एवं राम कथा वाचक आचार्य देवेंद्र तिवारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत पर्यावरण प्रमुख सच्चिदानंद मिश्र और गढ़वा आरएसएस जिला कार्यवाह नितेश वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए आचार्य देवेंद्र तिवारी ने कहा कि आज के समय में हिंदू समाज, विशेषकर युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान और शक्ति को समझने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार त्रेता युग में हनुमान जी को उनकी शक्ति का स्मरण कराकर जागृत किया गया था, उसी प्रकार आज युवाओं को भी अपनी परंपराओं और संस्कृति के प्रति जागरूक होना होगा. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता को भगवान के समान माना जाता रहा है, लेकिन आधुनिकता और विदेशी संस्कृति के प्रभाव से पारिवारिक संस्कार कमजोर हो रहे हैं. युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ते हुए भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अपनाना चाहिए. आचार्य तिवारी ने कहा कि पहले गांवों में खो-खो, कबड्डी, गिल्ली-डंडा और कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल समाज को स्वस्थ और मजबूत बनाते थे, लेकिन आज के युवा इनसे दूर होते जा रहे हैं. इन खेलों को फिर से बढ़ावा देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हजारों वर्षों से अटल और अमर है. इतिहास में कई बार इसे मिटाने के प्रयास हुए, लेकिन रावण और कंस जैसे अत्याचारी भी इसे समाप्त नहीं कर सके. मौके पर इन्द्रदेव सिंह, रविन्द्र कुमार सिंह, सुमित कुमार गोस्वामी, लव कुमार यादव, बिरझू सिंह, मंत्री विजय सिंह, प्रेमनाथ ठाकुर, रामजन्म केशरी, संजय कुमार कुशवाहा, विनोद प्रसाद गुप्ता, बिपिन कुमार मिश्रा आदि उपस्थित थे. संस्कार से पड़ती है मजबूत समाज की नींवः सच्चिदानंद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत पर्यावरण प्रमुख सच्चिदानंद मिश्र ने कहा कि मजबूत समाज की नींव परिवार और संस्कार से ही पड़ती है. समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा. सम्मेलन में नितेश वर्मा, अंबिका सिंह तथा सांसद प्रतिनिधि कुंवर सिंह ने भी सनातन संस्कृति की महत्ता पर अपने विचार रखे. वक्ताओं ने हर घर में तुलसी का पौधा लगाने और बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देने पर जोर दिया

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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