जनता के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जायेगा: उपायुक्त

जनता के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जायेगा: उपायुक्त

प्रतिनिधि, गढ़वा समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में सरकारी व्यवस्था की सुस्ती और अपनों की बेरुखी की कई तस्वीरें सामने आयीं. उपायुक्त दिनेश यादव के सामने जिले के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिससे भ्रष्टाचार के मामले उजागर हुए. धुरकी प्रखंड के धोबनी निवासी योगेंद्र प्रसाद यादव ने शिकायत की कि कदवा गांव में बिचौलियों, अध्यक्ष और सचिव की मिलीभगत से चबूतरा और गार्डवॉल निर्माण की राशि कागजों पर ही खर्च दिखा दी गयी, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं हुआ. मंझिआंव की अनीता देवी ने भावुक होकर बताया कि पीएम आवास मिलने के बाद जब उन्होंने घर बनाना शुरू किया, तो उनके पति, भैसुर और जेठानी ही बाधा बन गये. उन्होंने कहा कि परिवार के लोग ही निर्माण कार्य में रुकावट डाल रहे हैं. रंका प्रखंड की रंजू देवी ने प्रधानमंत्री और अबुआ आवास योजना में फर्जी निकासी का मामला उठाया. उन्होंने सबूत के साथ बताया कि बिना घर बनाये ही पैसे निकाल लिए गयें. जनसुनवाई में एक और संवेदनशील मामला सामने आया, जब 95 प्रतिशत दिव्यांग शिक्षक उमेश राम अपनी समस्या लेकर पहुंचे. उन्होंने बताया कि दुर्गम क्षेत्र में पदस्थापन और परिवहन की सुविधा नहीं होने के कारण स्कूल पहुंचना उनके लिए बेहद मुश्किल है. उन्होंने मानवीय आधार पर स्थानांतरण की मांग की. इन सभी मामलों पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जनता के अधिकारों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राशन, पेंशन, आवास और जमीन से जुड़े मामलों का जल्द समाधान किया जाये. उपायुक्त ने साफ कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिला या भ्रष्टाचार साबित हुआ, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील बनने और हर शिकायत का समाधान जमीन पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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