बैदेशी तक जाने के लिए आजतक नहीं है सड़क

बैदेशी तक जाने के लिए आजतक नहीं है सड़क

रमकंडा. गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड की सीमा पर स्थित बैदेशी का मामला पहली बार झारखंड विधानसभा में उठाया गया. गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन बुधवार को बैदेशी को पंचायत से जोड़ने के लिए बलिगढ़ से बैदेशी तक छह किमी लंबी सड़क निर्माण की मांग रखी है. उल्लेखनीय है कि चारों तरफ घने जंगलों से घिरा यह गांव कभी नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था. इस गांव के लोग आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क की सुविधा से वंचित हैं. इन्हें पगडंडी व जंगलों के बीच किसी तरह आवागमन करना पड़ता है. इसके अलावे यहां की अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस गांव के लोगों की परेशानी प्रभात खबर ने भी 20 फरवरी 2018 को प्रमुखता से प्रकाशित की थी. उस समय यह गांव बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित था. हालांकि अब गांव तक बिजली पहुंच गयी है. लेकिन आज भी यहां के लोग स्वास्थ्य, पानी, सड़क, सिंचाई व रोजगार से वंचित है. ग्रामीण कार्य विभाग ने शुरू की है कवायद इधर विधानसभा में मांग उठाये जाने से पूर्व ही इसी महीने बैदेशी को सड़क से जोड़ने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग कवायद शुरू कर चुका है. पिछले दिनों ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय अभियंता पंकज कुमार ने विभागीय निर्देश पर बैदेशी तक सड़क बनाने के लिए सर्वें का काम पूरा कर लिया है. बताया गया की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 250 की आबादी वाले गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार के इस अभियान के तहत बैदेशी को सड़क मार्ग से जोड़ने की तैयारी है. हालांकि विभाग की ओर से अभी सड़क निर्माण फाइनल नहीं किया गया है. विदित हो कि विधायक श्री तिवारी ने बैदेशी के अलावा रमकंडा प्रखंड में कुछ और सड़क निर्माण की मांग भी रखी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >