सीबीएसई के ‘थ्योरी ऑफ नॉलेज’ पर शिक्षक प्रशिक्षण, 60 शिक्षकों ने सीखा आलोचनात्मक सोच विकसित करने का तरीका

गढ़वा के आरके पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के लिए 'थ्योरी ऑफ नॉलेज' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 60 शिक्षकों ने भाग लिया और आलोचनात्मक सोच विकसित करने के तरीकों को सीखा।

गढ़वा : आरके पब्लिक स्कूल के सभागार में सीबीएसई के सीबीपी (कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम) के तहत आरके ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए ‘थ्योरी ऑफ नॉलेज’ विषय पर एकदिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यशाला में आरकेपीएस गढ़वा, अधौरा, श्री बंशीधर नगर और उंचरी मंझिआंव के 60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया.

कार्यक्रम का उद्घाटन स्कूल के निदेशक सह शिक्षाविद् अलखनाथ पांडेय, प्राचार्य संतोष पांडेय तथा रिसोर्स पर्सन रंजिष्टम सेबास्टियन, प्राचार्य जयपुरिया स्कूल, डुमरांव, बक्सर और मनीष कुमार सिंह, डीएवी औरंगाबाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इससे पहले प्राचार्य संतोष पांडेय ने अतिथियों और रिसोर्स पर्सन का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया.

प्रशिक्षण सत्र में रिसोर्स पर्सन ने ‘थ्योरी ऑफ नॉलेज’ के विभिन्न आयामों, ज्ञान की प्रकृति, ज्ञान के स्रोतों, शिक्षण में इसकी प्रासंगिकता और विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच विकसित करने के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला. शिक्षकों को विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विषय को व्यवहारिक रूप से समझाया गया.

सूचना ज्ञान नहीं है : अलखनाथ पांडेय

इस अवसर पर निदेशक अलखनाथ पांडेय ने कहा कि सूचना ज्ञान नहीं है. आज सूचना विस्फोट के दौर में विद्यार्थियों के पास सूचनाओं का भंडार है, लेकिन सूचना मात्र ज्ञान नहीं होती. ‘थ्योरी ऑफ नॉलेज’ विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करती है कि ज्ञान क्या है, वह कैसे निर्मित होता है और सत्य तथा असत्य के बीच अंतर कैसे किया जाए.

उन्होंने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ऐसा विवेक विकसित करना है, जिससे वे किसी भी जानकारी को तर्क, अनुभव और प्रमाण की कसौटी पर परख सकें. जब विद्यार्थी ‘क्या’ के साथ ‘क्यों’ और ‘कैसे’ समझना शुरू करेगा, तभी शिक्षा वास्तव में सार्थक होगी. ‘थ्योरी ऑफ नॉलेज’ रटने की प्रवृत्ति से निकालकर सोचने और विश्लेषण करने की प्रवृत्ति की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है.

निदेशक ने कहा कि ‘थ्योरी ऑफ नॉलेज’ का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है. इसके लिए शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की आवश्यक जानकारी भी होनी चाहिए, ताकि उनके साथ बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित किया जा सके.

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभायी और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेकर विषय की बारीकियों को समझा. कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ग्रुप फोटोग्राफी की गयी.

मौके पर अनुप कुमार पांडेय, नसरीन हक, देवेंद्र सिंह, राजेश कुमार, शैला खान, अनीता सिन्हा, आशीष कुमार, विकास तिवारी सहित आरके ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे. अंत में प्राचार्य संतोष पांडेय ने सभी अतिथियों और रिसोर्स पर्सन के प्रति आभार व्यक्त किया.


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By शुभम राय

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