जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण की स्थिति चिंताजनक प्रतिनिधि, गढ़वा जिले की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान गढ़वा में बेहद धीमी गति से चल रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कुल 14914 किशोरियों को इस अभियान के तहत टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन 30 मार्च से शुरू हुए अभियान में अब तक केवल 92 किशोरियों को ही टीका लगाया जा सका है. लक्ष्य और उपलब्धि के बीच बड़ा अंतर स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का कारण बन गया है. समय पर टीकाकरण से 90 प्रतिशत कम हो जाता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल है और इसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस होता है. एचपीवी टीका शरीर में इस वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है. समय पर टीका लेने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा 90 प्रतिशत तक कम हो सकता है. निजी अस्पतालों में यह टीका काफी महंगा है, जबकि सरकार इसे सरकारी केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध करा रही है. 14 से 15 वर्ष की उम्र में यह टीका सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है. अभियान में तेजी लाने का दिया गया है निर्देश: डीपीएम डीपीएम गौरव कुमार ने कहा कि शुरुआती दौर में कुछ समस्याएं थीं, लेकिन अब अभियान को तेज करने के निर्देश दिये गये हैं. स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में क्लस्टर बनाकर टीकाकरण किया जायेगा. उन्होंने अभिभावकों से अफवाहों से बचने और बेटियों को टीका दिलाने की अपील की है.
गढ़वा में लक्ष्य 14914, पर दो माह में 92 किशोरियों को ही मिला एचपीवी टीका

गढ़वा में लक्ष्य 14914, पर दो माह में 92 किशोरियों को ही मिला एचपीवी टीका
Copied link
जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण की स्थिति चिंताजनक