गृहिणी से तीन बार पार्षद बनीं सत्यवती देवी, सेवा से जीता जनता का विश्वास

घर की चौखट से निकलकर महिलाएं निभा रही हैं समाज निर्माण में अहम भूमिका

घर की चौखट से निकलकर महिलाएं निभा रही हैं समाज निर्माण में अहम भूमिका

जितेंद्र सिंह, गढ़वा

कभी यह धारणा प्रचलित थी कि महिलाएं केवल चूल्हा-चौका और घर-परिवार तक ही सीमित रहती हैं. लेकिन समय के साथ महिलाओं के सशक्तिकरण ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. आज महिलाएं घर की देहरी पार कर समाज के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं. राजनीति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी महिलाएं बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभा रही हैं. शहर के सहीजना मोहल्ला निवासी वार्ड संख्या 11 की पार्षद सत्यवती देवी भी ऐसी ही प्रेरणादायक उदाहरण हैं. राजनीतिक पृष्ठभूमि से दूर रहने वाली सत्यवती देवी एक साधारण गृहिणी रही हैं, लेकिन सेवा भावना और लोगों के प्रति समर्पण ने उन्हें अलग पहचान दिलायी. वर्ष 2013 में उन्होंने पहली बार गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 11 से पार्षद पद का चुनाव लड़ा और जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए जीत हासिल की. अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने वार्ड के लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किया. उनकी कार्यशैली और जनसंपर्क से प्रभावित होकर जनता ने वर्ष 2018 में उन्हें दूसरी बार भी पार्षद बनने का मौका दिया. इस दौरान सत्यवती देवी लगातार अपने क्षेत्र में घूम-घूमकर लोगों की समस्याओं से अवगत होती रहीं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाती रहीं. वर्ष 2026 के नगर निकाय चुनाव में उन्होंने तीसरी बार जनता के बीच जाकर समर्थन मांगा. इस बार मुकाबला कड़ा था, लेकिन उनके सेवा भाव और जनता के साथ मजबूत जुड़ाव ने उन्हें फिर से जीत दिलायी. सत्यवती देवी का कहना है कि वर्ष 2013 से अब तक वे लगातार जनता की सेवा में लगी हुई हैं और आगे भी इसी समर्पण के साथ अपने वार्ड के विकास तथा लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करती रहेंगी. महिला दिवस के अवसर पर उनकी कहानी समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है.

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18 वर्षों से वार्ड की सेवा में समर्पित हैं पार्षद मीरा कुमारी

– निजी जीवन की कठिनाइयों के बावजूद समाज सेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य

गढ़वा. कहा जाता है कि जब सेवा के प्रति समर्पण सच्चे मन से किया जाए तो व्यक्ति समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है. ऐसी ही मिसाल गढ़वा शहर के वार्ड संख्या 17 की पार्षद मीरा कुमारी हैं, जो पिछले लगभग 18 वर्षों से लगातार अपने वार्ड की सेवा में समर्पित हैं. मीरा कुमारी मूल रूप से गढ़वा की ही बेटी हैं और उनका मायका भी यहीं है. निजी जीवन में कई कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी. उनकी न तो कोई संतान है और न ही पति, लेकिन इन परिस्थितियों ने उनके हौसले को कमजोर नहीं किया. उन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया. राजनीतिक विरासत से दूर रहने वाली मीरा कुमारी ने सेवा और समर्पण के बल पर अपनी अलग पहचान बनायी है. वार्ड संख्या 17 की जनता ने भी उनके कार्यों को सराहा और पिछले 18 वर्षों से लगातार उन्हें अपना समर्थन और स्नेह देती आ रही है. मीरा कुमारी अपने वार्ड में लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनती हैं और उनके समाधान के लिए प्रयास करती रहती हैं. उनका कहना है कि उनके लिए उनके वार्ड की जनता ही उनका परिवार है. वे कहती हैं कि उन्हें न किसी प्रकार का लोभ है और न ही लालच. उनका जीवन पूरी तरह से जनता की सेवा के लिए समर्पित है. उन्होंने कहा कि गढ़वा की बेटी होने के नाते वे अपना कर्तव्य निभा रही हैं और गढ़वा की जनता ने उन्हें हमेशा भरपूर आशीर्वाद दिया है. उन्होंने कहा कि जनता का यह स्नेह और विश्वास ही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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