अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत, निष्पक्ष जांच हो: आलोक चौरसिया

विधानसभा में गूंजी अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार की आवाज

विधानसभा में गूंजी अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार की आवाज प्रतिनिधि, गढ़वा डालटनगंज-भंडरिया विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक आलोक चौरसिया ने सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान अंचल कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार और आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने गढ़वा जिले के भंडरिया, रमकंडा और बड़गड़ अंचल के साथ-साथ पलामू जिले के चैनपुर, सदर मेदिनीनगर और सतबरवा अंचल कार्यालयों की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया. विधायक ने सदन में कहा कि इन अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार जड़ें जमा चुका है. दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले गरीब ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), आय, आवासीय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने जैसे कामों के लिए लोगों को बार-बार अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सुविधा शुल्क के फाइलें आगे नहीं बढ़ायी जातीं. इस कारण आम जनता में सरकार और प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है. विधायक ने सरकार से मांग की कि इन सभी चिह्नित अंचल कार्यालयों के कामकाज की निष्पक्ष जांच एक विशेष दल से करायी जाये. उन्होंने कहा कि जब तक बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ को नहीं तोड़ा जायेगा, तब तक अंतिम पायदान पर बैठे लोगों को न्याय नहीं मिल पायेगा. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई की भी मांग की, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता कायम हो सके. विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि गढ़वा के रमकंडा, भंडरिया और बडगड जैसे आदिवासी बहुल इलाकों के लोग सीधे और सरल स्वभाव के हैं. कुछ भ्रष्ट कर्मचारी इसी का फायदा उठाकर उनसे अवैध वसूली करते हैं. उन्होंने कहा कि जनता के हक के साथ खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा. उपायुक्त की जनसुनवाई के मामलों ने विधायक के आरोपों पर लगायी मुहर इधर, विधायक के आरोपों को हाल ही में हुई जनसुनवाई में सामने आये मामलों से भी बल मिलता है. 13 मार्च को गढ़वा समाहरणालय में उपायुक्त दिनेश कुमार यादव की जनसुनवाई के दौरान कई लोगों ने अंचल कार्यालयों की कार्यशैली को लेकर शिकायतें दर्ज करायी थीं. भंडरिया प्रखंड के नौका गांव निवासी सत्येंद्र गोस्वामी ने उपायुक्त को लिखित शिकायत देकर बताया कि कोर्ट से मिली जमीन के म्यूटेशन के दौरान उनका आवेदन त्रुटिपूर्ण तरीके से निरस्त कर दिया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय के एक राजस्व कर्मचारी ने काम करने के लिए उनसे पैसे की मांग की. इसी तरह भंडरिया की आशा कुमारी तिग्गा और मेराल की शीला देवी ने भी अपनी समस्याएं जनसुनवाई में रखीं. शीला देवी ने आरोप लगाया कि अंचल अधिकारी के आदेश के बावजूद दबंगों ने उनके पीएम आवास के पिलर तोड़ दिये और उल्टा उनके पति को ही जेल भेज दिया गया. इन मामलों ने अंचल स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं.

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By Akarsh aniket

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