वर्ष 2023 में पति-पत्नी की जोड़ी ने शुरू किया था सफर, मिलकर अस्पताल को किया व्यवस्थित प्रतिनिधि, गढ़वा गढ़वा जिले के रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने पलामू प्रमंडल के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे में नया मानक स्थापित कर दिया है. केंद्र सरकार के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जो तस्वीर रंका में दिख रही है, वह अब सीधे जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल को टक्कर देने लगी है. रंका सीएचसी को अब ””मॉडल सीएचसी”” के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां पलामू प्रमंडल की सबसे बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना पर काम शुरू हो चुका है. रंका सीएचसी की सफलता की गूंज राज्य स्तर तक पहुंच चुकी है. बताया गया है कि बंध्याकरण के मामले में यह केंद्र पूरे झारखंड में दूसरे स्थान पर है. केवल एक वर्ष में यहां 1018 सफल ऑपरेशन किये गये, जिसके लिए राज्य स्तर पर केंद्र को सम्मानित किया गया. यह विशेष सम्मान डॉ मजहबी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया. रंका सीएचसी के कायाकल्प के पीछे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ असजद अंसारी का बड़ा विजन है. वर्ष 2023 में जब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली थी, तब स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी. उस समय अस्पताल में केवल डॉ असजद और उनकी पत्नी डॉ मजहबी कार्यरत थे. दोनों ने मिलकर अस्पताल को व्यवस्थित, स्वच्छ और मरीजों के अनुकूल बनाने की मुहिम शुरू की. आज अस्पताल में पांच डॉक्टरों की टीम है और व्यवस्था इतनी सुदृढ़ है कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों से भी मरीज इलाज के लिए रंका पहुंच रहे हैं. जल्द ही अस्पताल में कैंटीन खोलने का निर्णय लिया गया है, ताकि मरीजों के परिजन परेशान न हों. डीपीएम गौरव कुमार ने बताया कि जल्द ही रंका सीएचसी में कुपोषण उपचार केंद्र और डायलिसिस यूनिट की सुविधा भी शुरू की जायेगी. फिलहाल ब्लड बैंक स्थापित करने के लिए विभाग को पत्राचार किया गया है. इसके शुरू होते ही यहां सिजेरियन जैसी डिलीवरी सर्जरी भी संभव हो सकेगी. आंकड़ों में रंका सीएचसी का प्रदर्शन – प्रति माह अस्पताल में औसतन 250 से 300 सामान्य प्रसव होता है – सीएचसी में अब तक 60 मरीजों के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन हो चुका है – रंका सीएचसी बंध्याकरण के मामले में पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर है ……………….. जब हमने 2023 में जिम्मेदारी संभाली थी, तब संसाधन सीमित थे और चुनौतियां बड़ी थीं. हमारा लक्ष्य था कि ग्रामीण मरीजों को शहर की ओर न भागना पड़े. टीम वर्क और समर्पण के कारण ही आज हम राज्य स्तर पर पहचान बना पाये हैं. हमारा प्रयास है कि रंका सीएचसी ऐसा विश्वास केंद्र बने, जहां हर गरीब को निजी अस्पताल से बेहतर और सम्मानजनक इलाज मुफ्त मिल सके. ब्लड बैंक की सुविधा जुड़ते ही जटिल सर्जरी भी यहां शुरू कर सकेंगे. – डॉ असजद अंसारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, रंका ………. रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वर्तमान में गढ़वा जिले का सबसे सुव्यवस्थित केंद्र बन चुका है. जल्द ही इसे डायलिसिस और एमटीसी जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जायेगा. – गौरव कुमार, डीपीएम, गढ़वा
रंका सीएचसी बना मॉडल, छत्तीसगढ़ से भी इलाज कराने पहुंचते हैं मरीज
वर्ष 2023 में पति-पत्नी की जोड़ी ने शुरू किया था सफर, मिलकर अस्पताल को किया व्यवस्थित
