पाटन, पलामू: सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर पाटन प्रखंड के विभिन्न गांवों में स्थित शिवालयों में जलाभिषेक को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. कई स्थानों पर कलश यात्रा निकाली जायेगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे.
कनौदी से खैरांट तक निकलेगी कलश यात्रा
कनौदी स्थित शिव मंदिर परिसर से प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी भव्य कलश यात्रा निकाली जायेगी. श्रद्धालु करीब सात किलोमीटर पैदल चलकर पाटन, तरहसी और लेस्लीगंज प्रखंड की सीमा पर स्थित खैरांट पहुंचेंगे. यहां अमानत और सुखरो नदियों के संगम से कलश में जल भरकर नदी में स्थित शिव मंदिर पहुंचेंगे और भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक करेंगे.
इसके बाद श्रद्धालु संगम से दोबारा कलश में जल लेकर असनौर, लोइंगा, बरवाडीह, आरेदाना, अंगरा और जागोडीह होते हुए कनौदी स्थित शिव मंदिर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. यह परंपरा पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही है.
रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
कलश यात्रा के दौरान कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में चीनी का शरबत और फल उपलब्ध कराया जायेगा. इसके अलावा कुछ सवारी वाहनों की व्यवस्था भी रहेगी. किसी श्रद्धालु को पैदल चलने में परेशानी होने पर वाहन से मंदिर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है.
अन्य शिवालयों में भी निकलेगी कलश यात्रा
सावन की अंतिम सोमवारी पर पाटन प्रखंड के अन्य शिवालयों में भी कलश यात्रा निकाली जायेगी. पाटन के बुढ़वा बाबा, कालापहाड़ स्थित महाकालेश्वर महादेव मंदिर, भरहुलिया, कोल्हुआ और अलगडीहा बुढ़वा बाबा मंदिर में भी श्रद्धालु कलश यात्रा निकालकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. इस अवसर पर कई शिवालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे.
