प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट
Garhwa News: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई बैंक ऑफ महाराष्ट्र की सनसनीखेज डकैती के तार अब झारखंड के गढ़वा से जुड़ गए हैं. करीब 10 किलो सोना और 20 लाख रुपए की बड़ी लूट को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने गढ़वा शहर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. शनिवार को इस मामले की जांच के लिए मध्य प्रदेश की रीवा पुलिस टीम गढ़वा पहुंचे और शहर के एक नामी मोबाइल शोरूम में घंटों छानबीन की.
गढ़वा के शोरूम से खरीदा आईफोन, पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी
जानकारी के अनुसार, सिंगरौली के बैढ़न में शुक्रवार को हुई इस वारदात के बाद अपराधियों के गढ़वा की ओर भागने के सुराग मिले थे. इसी इनपुट के आधार पर रीवा अभियान एसपी विक्रम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गढ़वा के मेन रोड स्थित ‘वर्ल्ड मोबाइल सेंटर’ पहुंची. पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली है कि बैंक लूटने के बाद एक अपराधी ने इसी शोरूम से महंगी आईफोन की खरीदारी की थी. पुलिस ने शोरूम के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस टीम अपराधियों के हुलिए और खरीदारी के दौरान इस्तेमाल किए गए डिजिटल फुटप्रिंट्स का मिलान कर रही है.
पांच हथियारबंद अपराधियों ने बैंक कर्मियों को बनाया बंधक
बताया गया है कि शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे पांच हथियारबंद अपराधियों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में घुसकर कर्मियों को बंधक बनाया और इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस इसे क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी लूट मान रही है. गढ़वा में रीवा एसपी विक्रम सिंह ने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. अपराधियों के मूवमेंट की कड़ी गढ़वा से जुड़ी है, इसीलिए टीम यहां जांच करने पहुंची है. मोबाइल शोरूम से मिले सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से अपराधियों तक पहुंचने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है. फिलहाल, गढ़वा पुलिस भी स्थानीय स्तर पर अलर्ट मोड में है और एमपी पुलिस के साथ समन्वय बनाकर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में सहयोग कर रही है.
मामले में नजर
- बैंक:- बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैढ़न (सिंगरौली, मध्य प्रदेश)
- लूट की राशि:- लगभग 10 किलो सोना और 20 लाख रुपये नगद.
- गढ़वा कनेक्शन:- वारदात के बाद अपराधियों ने गढ़वा के शोरूम से खरीदा आईफोन
- जांच टीम: – रीवा अभियान एसपी विक्रम सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम ने गढ़वा में डाला डेरा.
यह भी पढ़ें: संकट में रांची का HEC: वेतन बकाया और नए वर्क ऑर्डर न मिलने से बिगड़े हालात, बड़े अधिकारियों ने भी छोड़ा साथ
यह भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट की चेतावनी: सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन न मिली तो रूकेगा नगर विकास सचिव का वेतन
