कॉमर्शियल गैस सप्लाई बंद होने से होटल-रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों पर गहरा असर पीयूष तिवारी, गढ़वा ईरान और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब गढ़वा जिले में भी साफ दिखने लगा है. युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गयी है. घरेलू गैस किसी तरह मिल जा रही है, लेकिन कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है. इसका असर शहर के होटल-रेस्टोरेंट से लेकर गांवों के हाट-बाजारों तक दिख रहा है. नाश्ते, चाय और खाने-पीने के छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं. गढ़वा शहर में करीब 37 बड़े मिठाई दुकान और रेस्टोरेंट हैं, जहां कॉमर्शियल गैस नहीं मिलने से सामान्य भोजन, मिठाई और समोसे बनाने का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है. कई दुकानदार अब केवल रेडिमेड मिठाइयां बेचकर काम चला रहे हैं. कुछ ने मिठाइयों के दाम भी बढ़ा दिये हैं. युद्ध कब खत्म होगा और गैस की कमी कब दूर होगी, यह अभी तय नहीं है. अगर यही स्थिति एक-दो सप्ताह और रही, तो आधे होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है. गैस के विकल्प के तौर पर कई होटल संचालक कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, हर किसी के लिए यह आसान नहीं है. अधिकतर किचन में धुआं निकालने की सही व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है. दुकानदारों ने कहा कोयले के चूल्हे पर बन रहीं मिठाइयां : प्रवीण जायसवाल जायसवाल स्वीट्स के प्रोपराइटर प्रवीण जायसवाल ने बताया कि होली के समय से ही उन्हें कॉमर्शियल गैस नहीं मिल रही है. मजबूरी में अब वे कोयले और डीजल से चलने वाले चूल्हों का उपयोग कर रहे हैं. इससे लागत बढ़ गयी है, इसलिए मिठाइयों के दाम भी बढ़ाने पड़े हैं. उन्होंने बताया कि पहले उनके यहां रोज 19 किलो वाले चार गैस सिलेंडर इस्तेमाल होते थे. अब वे 22 रुपये प्रति किलो की दर से कोयला खरीदकर मिठाइयां बना रहे हैं. कोयला चूल्हा जलाने का झंझट झेलना पड़ रहा है : राजू साहू रामदास स्वीट्स एंड नमकीन के प्रोपराईटर राजू साहू ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिलने की वजह से अब उन्हें मजबूरी में कोयले का चूल्हे का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि कोयला जलाने में काफी परेशानी हो रही है. उन्हेंने बताया कि कोयले के चूल्हे पर काम करने से मिठाई बनाने में अधिक समय लग रहा है और खर्च भी बढ़ गया है. ऐजेंसी संचालक ने कहा 10 दिनों से कॉमर्शियल गैस सप्लाई बंद : अरविंद तूफानी इंडेन गैस एजेंसी के प्रोपराइटर अरविंद तूफानी ने बताया कि पिछले 10 दिनों से उनके यहां कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है. ऊपर से ही सप्लाई बंद है, इसलिए वे किसी को गैस नहीं दे पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की रोज करीब 400 सिलेंडर की मांग आ रही है, जिसे किसी तरह पूरा किया जा रहा है. कॉमर्शियल सिलेंडर आते ही व्यवसायियों को उपलब्ध कराया जायेगा. गढ़वा में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की स्थिति गढ़वा जिले में कुल 2,06,849 घरेलू गैस उपभोक्ता हैं. इंडेन गैस के 75,811 उपभोक्ता हैं. एचपी गैस के 31,923 उपभोक्ता हैं. भारत गैस के 99,115 उपभोक्ता हैं.
गैस संकट से थमी बाजार की रफ्तार
कॉमर्शियल गैस सप्लाई बंद होने से होटल-रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों पर गहरा असर
