दो पीडीएस दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द

दो पीडीएस दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द

गढ़वा.

उपायुक्त शेखर जमुआर ने जन वितरण प्रणाली में अनियमितता का मामला संज्ञान में आने के बाद मेराल प्रखंड के चरका पत्थर पूर्वी के जन वितरण प्रणाली दुकानदार संजय प्रसाद गुप्ता (अनुज्ञप्ति संख्या-18/1996) तथा भंडरिया प्रखंड के बघवार गांव के जन वितरण प्रणाली दुकानदार बोधन सिंह (अनुज्ञप्ति संख्या-10/2004) की अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. इस संबंध में उपायुक्त श्री जमुआर ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा ने मेराल प्रखंड अन्तर्गत चरका पत्थर पूर्वी के राशन डीलर संजय प्रसाद गुप्ता की राशन दुकान का औचक निरीक्षण किया था. वहां राशन वितरण का कार्य चल रहा था. उपस्थित लाभुकों ने डीलर द्वारा कम मात्रा में राशन देने की शिकायत की थी. मौके पर ही एक लाभुक कुश कुमार द्वारा लिये गये राशन को तौला गया, जिसमें पांच सदस्यों का राशन था. उसमें पांच किग्रा प्रति सदस्य के हिसाब से 35 किलो राशन होना चाहिए था. पर वजन करवाने पर बोरी सहित 33 किलो ही अनाज पाया गया. जब अन्य लाभुकों से पूछा गया, तो उन्होंने भी एक स्वर में बताया कि सभी को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है. स्वयं डीलर श्री गुप्ता ने भी तर्क देते हुए स्वीकार किया कि वह कम मात्रा में राशन देते हैं.

उपायुक्त ने बताया कि इसी प्रकार रंका एसडीओ द्वारा भंडरिया प्रखंड के ग्राम बघवार में बोधन सिंह की जन वितरण प्रणाली की दुकान का निरीक्षण किया गया, तो वह दुकान बंद पाया गयी. जबकि दुकानदार को दूरभाष के माध्यम से दुकान खुली रखने की सूचना पूर्व में ही दी गयी थी. इसके बावजूद उसने दुकान बंद रखी और मोबाइल फोन बंद कर लिया था. निरीक्षण में पाया गया कि जनवितरण प्रणाली की दुकान पर सूचना पट, लाभुकों की विवरणी, विज्ञप्ति संख्या वगैरह प्रर्दशित नहीं था. इसके बाद एसडीओ स्थानीय लाभुकों के साथ डीलर बोधन सिंह के घर गये. वह घर पर नहीं मिला. इसकी वजह से जन वितरण दुकान पर मौजूद राशन का भंडारण व नाप तौल मशीन की जांच नहीं की जा सकी.

लाभुकों ने कई आरोप लगाये : लाभुकों से राशन संबंधी पूछताछ के क्रम में राशन कम देने, समय पर नहीं देने, पर्ची निकाल कर बाद में राशन देने सहित कई आरोप लगाये. लाभुकों द्वारा एक स्वर में बताया गया कि उक्त डीलर के द्वारा मनमानी किया जा रहा है. इसके कारण लाभुकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. सहायक गोदाम प्रबंधक से जानकारी लेने पर उनके द्वारा बताया गया कि माह फरवरी 2025 का राशन इनको दिया जा चुका है. फिर भी लाभुकों के बीच इसका वितरण नहीं किया गया. उपायुक्त ने बताया कि काफी देर तक रहने के बाद भी डीलर बोधन सिंह का नहीं पहुंचना तथा मोबाइल बंद कर लेना लाभुकों के आरोप को पुख्ता करता है. उपायुक्त ने कहा कि अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित डीलर पर कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी अनुज्ञप्ति रद्द कर दी जायेगी.

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