गढ़वा : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर चिंता व्यक्त करते हुए पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने राज्य सरकार से पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को दबाने के बजाय उनसे वार्ता करे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए निष्पक्ष जांच का मार्ग प्रशस्त करे.
सांसद ने कहा कि 14वीं जेपीएससी पीटी, जेपीएससी 11वीं-13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और जेएसएससी-सीजीएल सहित वर्ष 2019 से अब तक आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता पर अभ्यर्थी लगातार गंभीर सवाल उठा रहे हैं. इन परीक्षाओं को लेकर बने संशय को दूर करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. यदि प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं निर्दोष और योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए.
सीबीआई जांच से क्यों कतरा रही सरकार : सांसद
विष्णु दयाल राम ने कहा कि जब कैबिनेट द्वारा भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने जैसी घोषणाएं की जा रही हैं तो स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच एजेंसी सीबीआई से जांच कराने में सरकार क्यों कतरा रही है. यदि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी तो सरकार को जांच से परहेज नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों की स्थिति में सरकार को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे दोषियों को सजा मिले और योग्य अभ्यर्थियों का हित सुरक्षित रहे.
छात्रों पर बल प्रयोग की उच्चस्तरीय जांच की मांग
शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ बीते दिनों पुलिस एवं सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गयी मारपीट को सांसद ने बर्बर और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि छात्र कोई अपराधी नहीं हैं. वे अपने बेहतर भविष्य और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं.
उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
विवादित परीक्षाओं की जांच कराने की मांग
सांसद ने राज्य सरकार से वर्ष 2019 से आयोजित जेपीएससी एवं जेएसएससी की सभी विवादित परीक्षाओं, विशेषकर 14वीं जेपीएससी पीटी, जेपीएससी 11वीं-13वीं और जेएसएससी-सीजीएल की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की. उन्होंने परीक्षाओं में धांधली के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और कथित भू-माफिया तंत्र के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, पारदर्शी तरीके से परीक्षा पास करने वाले योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा और आंदोलनकारी छात्रों के साथ हुई मारपीट के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. साथ ही भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस व्यवस्था कायम करने की मांग की.
