जितेंद्र सिंह की रिपोर्ट गढ़वा. केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन बिल के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है. इसके तहत आगामी 7 सितंबर को झामुमो कार्यकर्ता कांडी प्रखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे और एक दिवसीय धरना देंगे.
केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
यह जानकारी झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता धीरज दुबे ने दी. पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार एमएमडीआर बिल लाकर झारखंड के अधिकारों को प्रभावित करने का काम कर रही है.
राज्य को 15 हजार करोड़ के राजस्व नुकसान का दावा
धीरज दुबे ने कहा कि नए खान-खनिज संशोधन बिल के लागू होने से झारखंड सरकार को करीब 15 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का सीधा नुकसान होने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि इसका असर राज्य में संचालित मंईयां सम्मान योजना समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है.
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कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित
उन्होंने कहा कि जब घर के मुखिया की आमदनी रोक दी जाती है, तो उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है. उसी तरह केंद्र सरकार यदि राज्य का वाजिब हक और राशि रोकेगी, तो राज्य में चल रही लोक कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होना स्वाभाविक है.
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सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी
झामुमो केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी केंद्र सरकार की इस नीति का पुरजोर विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि झारखंड के हक और अधिकार के लिए झामुमो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखेगा.
कांडी में 7 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन और धरने के जरिए पार्टी केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन बिल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी.
