जूट बोरा के अभाव में नहीं हो रही धान की खरीदारी, अब तक इतने किसान ही बेच पाए हैं सरकारी मूल्य पर धान

यहां के धान क्रय केंद्र में प्रखंड के अलावे पत्थलगड्डा के किसानों को धान बेचने के लिए कहा गया था. दूरी अधिक होने के कारण पत्थलगड्डा के किसान उक्त केंद्र में धान बेचने नहीं पहुंच रहे हैं. कई किसानों का धान अभी भी घर पर पड़ा है. वहीं जिन किसानों को पैसों की आवश्यकता है, वे औने-पौने दाम में बिचौलियों को धान बेच रहे हैं.

Jharkhand News, Garhwa News गिद्धौर : प्रखंड के धान क्रय केंद्र में खरीदारी चार मार्च से बंद है. धान की पैकिंग के लिये एफसीआइ प्रिंटेड जूट के बोरा के अभाव में धान क्रय नहीं हो पा रहा है. धान बेचने पहुंचे किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है. एफसीआइ द्वारा बोरा उपलब्ध होने के बाद ही धान की खरीदारी करने की बात कही गयी है. ऐसे में किसान मजबूरी में कम कीमत पर बिचौलियों के हाथों धान बेच रहे हैं.

यहां के धान क्रय केंद्र में प्रखंड के अलावे पत्थलगड्डा के किसानों को धान बेचने के लिए कहा गया था. दूरी अधिक होने के कारण पत्थलगड्डा के किसान उक्त केंद्र में धान बेचने नहीं पहुंच रहे हैं. कई किसानों का धान अभी भी घर पर पड़ा है. वहीं जिन किसानों को पैसों की आवश्यकता है, वे औने-पौने दाम में बिचौलियों को धान बेच रहे हैं.

क्या कहते हैं डीपो इंचार्ज

डीपो इंचार्ज अजीत कुमार कच्छप ने बताया कि बोरा के अभाव में धान की खरीदारी नहीं हो पा रही है. लॉकडाउन में फैक्ट्री में नया जूट का बोरा नहीं बन पाया है. 2019-20 में बना बोरा ही उपलब्ध कराया गया. इस बार सीमित बोरा ही उपलब्ध कराया गया. धान बेचने अधिक लोग पहुंच रहे है. बोरा उपलब्ध होते ही धान की खरीदारी शुरू कर दी जायेगी.

Posted By : Sameer Oraon

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >