भीषण गर्मी से तपा गढ़वा, तापमान 43 डिग्री पहुंचा

जिले में भीषण गर्मी में जनजीवन प्रभावित, दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा

जिले में भीषण गर्मी में जनजीवन प्रभावित, दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा जितेंद्र सिंह, गढ़वा जिले में भीषण गर्मी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सूरज तपिश और बढ़ता तापमान लोगों के घर से निकलना मुश्किल कर रहा है. गढ़वा में मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप रहेगा. गर्मी से फील्ड में काम करने वाले लोगों को भी तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है. बाइक या पैदल काम करना अब कठिन हो गया है. लोग बार-बार पानी पीकर धूप से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राहत कम ही मिल रही है. निजी कंपनियों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण है. काम नहीं करेंगे तो आमदनी नहीं होगी और करेंगे तो गर्मी से बीमार होने का खतरा है. फुटपाथ दुकानदारों की बढ़ी परेशानी सड़क किनारे छोटी दुकान चलाने वाले लोगों की भीषण गर्मी परेशानी बढ़ा दी है. धूप में घंटों बैठकर सामान बेचना उनके लिए चुनौती बन गया है. कई दुकानदार सिर पर गीला गमछा रखकर या तिरपाल के नीचे बैठे दिन बिता रहे हैं. उनका कहना है कि दुकान नहीं लगायेंगे तो परिवार का गुजारा मुश्किल हो जायेगा. गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या भी कम हुई है, जिससे आमदनी घट रही है. मिट्टी के घड़ों की बिक्री बढ़ी भीषण गर्मी के बीच मिट्टी के घड़े, जिन्हें ””””देशी फ्रिज”””” कहा जाता है, की मांग तेजी से बढ़ गयी है. साधारण घड़े की कीमत 150 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक है. कारीगरों का कहना है कि मिट्टी, पानी और ईंधन की लागत बढ़ने के बावजूद यह उनका पारंपरिक व्यवसाय है और वे इसे जारी रखे हुए हैं. बिजली उपकरणों के दाम 10% बढ़े पंखा, कूलर, फ्रिज और एसी की मांग बढ़ने के कारण इनके दाम में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. व्यवसायियों का कहना है कि इसके बावजूद बिक्री अच्छी हो रही है और पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध है. पर्याप्त पानी व तरल पदार्थ का सेवन करें : डॉ अशोक प्रसाद फिजिशियन डॉ अशोक प्रसाद ने कहा कि भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए लोग दोपहर के समय अनावश्यक घर से बाहर न निकलें. पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ जैसे सत्तू, लस्सी, गन्ने का जूस आदि पीयें. हल्के और सूती कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें. बाहर जाते समय छाता या गमछा का इस्तेमाल करें. चक्कर, कमजोरी या अधिक प्यास लगने पर तुरंत छांव में आराम करें और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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