गढ़वा में म्यूटेशन मामलों पर डीसी सख्त, 30 दिनों में निपटाने का निर्देश

Garhwa News: गढ़वा में उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने राजस्व समीक्षा बैठक में म्यूटेशन मामलों के निपटारे को लेकर सख्त निर्देश दिए. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa News: गढ़वा जिले में अब जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों को लटका कर रखना अंचल पदाधिकारी और राजस्व कर्मियों को भारी पड़ेगा. उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय राजस्व समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं. 

30 दिनों में म्यूटेशन निपटाने का निर्देश 

डीसी ने स्पष्ट कहा है कि बिना आपत्ति वाले म्यूटेशन के मामलों का निष्पादन हर हाल में 30 दिनों के अंदर करना अनिवार्य होगा. अंचलवार म्यूटेशन, सुओ-मोटो म्यूटेशन, सक्सेशन और पार्टीशन म्यूटेशन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पेंडेंसी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. डीसी ने कहा कि  बिना किसी ठोस वजह के कोई भी दाखिल-खारिज का आवेदन 30 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए. जिन मामलों में कोई आपत्ति  आई है, उन्हें भी अधिकतम 90 दिनों के अंदर निष्पादित करना होगा. 

पेंडिंग मामलों पर कार्रवाई की चेतावनी 

डीसी ने साफ कहा कि 90 या 120 दिनों से अधिक पेंडिंग रहने वाले मामले अब सिर्फ समीक्षा का हिस्सा नहीं रहेंगे, बल्कि ऐसा पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ निश्चित रूप से दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.बैठक में विभागों द्वारा सरकार की ओर से तय लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत राजस्व वसूली (आंतरिक संसाधन) की भी समीक्षा की गई.इस दौरान नगर पंचायत मंझिआंव के कार्यपालक पदाधिकारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए. इस लापरवाही पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने और स्पष्टीकरण (शो-कॉज) पूछने का निर्देश दिया.

वन मामलों के निपटारे पर दिशानिर्देश जारी

बैठक की शुरुआत में वन प्रमंडल पदाधिकारी (सदर दक्षिणी) ई.बी. अब्राहम ने वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम 1980 की धारा 1ए के तहत माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों की जानकारी दी. उन्होंने खतियान में दर्ज जंगल, जंगल-झाड़ी, सखुआ या खैर जंगल जैसे मामलों के निपटारे के नियम स्पष्ट किए.

वन भूमि मामलों में समयसीमा तय, कार्यों में सुधार के निर्देश

अपर समाहर्ता विकास कुमार राय ने सभी अंचल अधिकारियों को ऐसे वन भूमि से जुड़े मामलों को एक महीने के भीतर सुलझाकर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. भूमि सीमांकन (डेमार्केशन) के लिए प्राप्त आवेदनों पर अमीन को तय समय पर मापी करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने राइट टू सर्विस एक्ट के तहत आने वाले सभी कार्यों जैसे- म्यूटेशन, प्रमाण पत्र निर्गत करना, भूमि विवाद, डीसीएलआर अपील आदि को समय पर पूरा करने का आदेश दिया. जिन अंचलों का प्रदर्शन बेहद खराब (पुअर परफॉर्मेंस) रहा, उनके अधिकारियों को फटकार लगाते हुए अगली बैठक तक सभी लंबित मामलों को शून्य करने का टारगेट दिया गया है.

बैठक में कई विभागीय अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिले के  अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, परवेज आलम ,प्रभाकर मिर्धा भूमि सुधार उप समाहर्ता , सभी अंचल अधिकारी  कार्यपालक पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी और विद्युत व लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे.

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Published by: Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.

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