ईंधन की निर्बाध आपूर्ति में कोताही व कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं: एसडीएम

कॉफी विद एसडीएम. पेट्रोल पंप संचालकों व एलपीजी वितरकों से किया संवाद

कॉफी विद एसडीएम. पेट्रोल पंप संचालकों व एलपीजी वितरकों से किया संवाद प्रतिनिधि, गढ़वा साप्ताहिक कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम में गुरुवार एसडीएम संजय कुमार ने क्षेत्र के पेट्रोल पंप संचालकों और एलपीजी वितरकों से संवाद किया. इस दौरान एसडीएम ने व्यवसायियों की व्यवहारिक समस्याओं को सुना और कहा कि ईंधन की निर्बाध आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोताही या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में एसडीएम ने संचलकों को पेट्रोल और डीजल प्लास्टिक की बोतल या गैलन में नहीं देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ईंधन केवल वाहनों के टैंक में ही भरा जाये. हालांकि, कृषि कार्य या जेनरेटर के लिए विशेष परिस्थिति में सुरक्षित कंटेनर में सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा सकता है. एसडीएम ने सभी संचालकों को स्टॉक और बिक्री का रिकॉर्ड अद्यतन रखने का निर्देश दिया. इस दौरान उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सभी एजेंसियों और पंपों को आदेश दिया गया है कि वे अपने परिसर में निर्धारित दर सूची, एलपीजी बुकिंग के लिए व्हाट्सएप नंबर और पेट्रोलियम कंपनी का केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें. इस मौके पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित अमरेंद्र पांडेय, अरविंद तूफानी, रवि शंकर पांडे, चंदन कुमार तिवारी, अजीत कुमार द्विवेदी, राजकुमार यादव, सोहेल खान सहित श्री गणेश पेट्रोलियम, गढ़वा गैस एजेंसी व अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे. घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर होगी कार्रवाई एसडीएम संजय कुमार ने संवाद के दौरान कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि ईंधन जैसी आवश्यक वस्तु की उपलब्धता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. जनहित को प्रभावित करने वाली किसी भी अनियमितता पर प्रशासन ”जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनायेगा. एक पेट्रोल पंप को 24 घंटे सेवा के लिए अधिकृत किया जाये संवाद के दौरान पेट्रोलियम व्यवसायियों ने भी अपनी बातें रखीं. व्यवसायी अन्नु दुबे ने सुझाव दिया कि शहर में कम से कम एक पेट्रोल पंप को 24 घंटे सेवा (डे-नाइट सर्विस) के लिए अधिकृत किया जाये. वहीं, कुछ संचालकों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों की मांग की. एलपीजी वितरकों ने बताया कि इ-केवाइसी और ओटीपी जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण आपूर्ति में थोड़ा विलंब हो रहा है, जिस पर एसडीएम ने प्रशासन की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया. नियमित जांच होगी, अनियमितता पर रद्द होगा लाइसेंस एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि प्रशासन, पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम अब नियमित रूप से छापेमारी और औचक निरीक्षण करेगी. यह जांच केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर स्टॉक और वितरण की वास्तविकता परखी जायेगी. यदि किसी भी प्रतिष्ठान में स्टॉक की हेराफेरी, कालाबाजारी या निर्धारित दर से अधिक की वसूली पायी गयी, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. साथ ही अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द करने की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू की जायेगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर उपभोक्ताओं से फीडबैक लें. महत्वपूर्ण कदम जांच दल का गठन : प्रशासन, पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम करेगी औचक निरीक्षण. होगी सख्त कार्रवाई : अनियमितता मिलने पर लाइसेंस निलंबन और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश. अभिलेखों का मिलान : दैनिक स्टॉक और बिक्री रजिस्टर को हर समय अद्यतन रखने की हिदायत. पारदर्शिता पर जोर : किसी भी स्तर पर ईंधन के कृत्रिम अभाव की शिकायत को गंभीरता से लिया जायेगा.

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By Akarsh aniket

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