चिनिया. चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से प्रसव के नाम पर नर्स व दाई द्वारा वसूली का आरोप लगाया जा रहा है. शुक्रवार को चिनिया निवासी भुक्तभोगी मनोज सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी रंगीता देवी की डिलीवरी के लिए 25 फरवरी को चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में भर्ती कराया गया था. वहां सकुशल बच्चे के जन्म लेने के साथ ही नर्स फुलवंती कुमारी ने उनसे 2500 रु की मांग की. कहा कि अगर पैसे नहीं दोगे, तो बच्चा का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पायेगा. इसलिए उन्होंने नर्स फुलवंती कुमारी को 1500 व दाइ को 1000 रुपया दे दिया. उन्होंने जब कहा कि यह तो सरकारी हॉस्पिटल है यहां पैसा नहीं लगता चाहिए. लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गयी. इधर पीड़ित मनोज ने चिकित्सा पदाधिकारी को आवेदन देकर अपने पैसे की पूरी रिकवरी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में पूछे जाने पर फार्मासिस्ट वेंकटेश्वर नारायण गुप्ता ने बताया कि मामले का आवेदन मिला था. आवेदन को चिकित्सा पदाधिकारी के पास फॉरवर्ड कर दिया गया है. पूर्व में भी प्रसव के नाम पर अवैध वसूली की गयी थी. जानकारी मिलने पर मरीजों को पैसा वापस कराया गया था. इधर इस मामले में नर्स फुलवंती कुमारी का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर पांच बार फोन किया गया, लेकिन नर्स ने कोई जवाब नहीं दिया. जबकि दाइ झलकमाणि देवी ने पैसे लेने से साफ इनकार करते हुए कहा कि अगर उन्हें खुशी से 100- 200 रु कोई देता है, तो वह लेती हैं. वह अपनी तरफ से पैसे नहीं मागती. स्पष्टीकरण मांगा गया है : प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ असजद अंसारी ने कहा कि नर्स व दाइ द्वारा प्रसव के नाम पर अवैध वसूली को लेकर आवेदन मिला है. दोनों से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है. इसकी जांच करायी जायेगी. अगर प्रसव के नाम पर पैसा लिया गया है, तो संबंधित के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जायेगी.
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