स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान की उम्मीद : चिकित्सक

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान की उम्मीद : चिकित्सक

झारखंड बजट परिचर्चा

झारखंड का राज्य बजट तीन मार्च को आनेवाला है. इसके मद्देनजर सभी वर्ग के लोगों की निगाहें बजट पर टिकी हैं. केंद्रीय बजट की ज्यादातर लोगों ने सराहना की और इसे समयानुकूल बताया. अब राज्य के बजट से भी यही अपेक्षा है. इस मुद्दे पर प्रभात खबर की ओर से रविवार को शहर के चिकित्सकों के बीच एक परिचर्चा का आयोजन किया गया. चिकित्सक समुदाय राज्य के बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार और निवेश की अपेक्षा कर रहा है, जिससे सभी नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके. चिकित्सकों का मानना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए इस बार बजट में विशेष प्रावधान किये जाने चाहिए.

हृदय रोग उपचार सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए : डॉ पंकज प्रभात

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ पंकज प्रभात ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इस बजट में राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हृदय रोग उपचार संबंधी सुविधाओं का विस्तार होगा. उन्होंने कहा कि हर जिले में आधुनिक कार्डियोलॉजी सेंटर तथा इमरजेंसी हार्ट केयर यूनिट की स्थापना की जानी चाहिेए. वहीं सरकारी अस्पतालोंं में हृदय रोग विशेषज्ञों की पदस्थापना की जानी चाहिए.

अधुनिक उपकरण व प्रशिक्षण की जरूरत : डॉ अरशद

तैयबा अस्पताल के संचालक व मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ अरशद अंसारी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार के बजट में राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट आवंटन बढ़ाकर आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर ध्यान देगी. ताकि चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके. उन्होंने कहा कि बजट में प्रत्येक सरकारी अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नि:शुल्क मधुमेह जांच सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए.

महिला स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रावधान जरूरी : डॉ माहेरू यमानी

गढ़वा सदर अस्पताल में कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. माहरू यमानी ने कहा कि इस बार के बजट में महिला स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रावधान आवश्यक है. बजट में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक संसाधन आवंटित किये जाने चाहिए. महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा दी जानी चाहिए.

ग्रामीण क्षेत्रों में इमरजेंसी सेवा मजबूत हो : डॉ मनीष सिंह

जनरल फिजिशियन डॉ. मनीष सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधारने के लिए बजट में पर्याप्त धनराशि निर्धारित की जानी चाहिए, ताकि आम जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सके.उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इमरजेंसी हेल्थकेयर सर्विस को मजबूत किया जाये, जिससे दूर-दराज के इलाकों में भी लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके.

नयी चिकित्सा तकनीक के विकास पर हो काम : डॉ असजद

रंका के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ असजद अंसारी ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान होने चाहिए, जिससे नयी चिकित्सा तकनीकों और उपचार विधियों का विकास हो सके. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

बच्चों के टीकाकरण व पोषण के लिए फंड मिले : डॉ शमशेर सिंह

सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ शमशेर सिंह ने कहा कि बच्चों के टीकाकरण और पोषण कार्यक्रमों के लिए बजट में अधिक धनराशि आवंटित की जानी चाहिए, ताकि शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सके. डॉ शमशेर ने कहा कि प्रत्येक जिले में विशेष नवजात देखभाल इकाइयां स्थापित की जानी चाहिए.

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़े : डॉ महजबीं यमानी

रंका स्वास्थ्य केंद्र की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ महजबीं यमानी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए बजट में विशेष योजनाएं शामिल की जानी चाहिए, ताकि सभी महिलाओं को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए अधिक प्रसूति देखभाल केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए.

अत्याधुनिक सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध हो : डॉ निशांत सिंह

लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ कुमार निशांत सिंह ने कहा कि झारखंड के सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार के लिए बजट में ठोस कदम उठाने की जरूरत है. उन्होंने सुझाव दिया कि सभी प्रमुख जिलों में सरकारी अस्पतालों को मल्टी-स्पेशियलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाये.अत्याधुनिक सर्जरी सुविधाएं, जैसे लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी को बढ़ावा दिया जाये. सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संख्या में वृद्धि हो, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके.

महिला और शिशु स्वास्थ्य के मिले प्राथमिकता : डॉ नीतू सिंह

महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. नीतू सिंह का मानना है कि झारखंड में महिला और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि कुपोषण दूर करने के लिए सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र और पोषण 2.0 जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना चाहिए. वहीं ग्रामीण इलाकों में प्रसूति और नवजात देखभाल केंद्रों की संख्या बढ़ायी जानी चाहिए. राज्य में अधिक संख्या में महिला डॉक्टरों और स्त्रीरोग विशेषज्ञों की नियुक्ति हो.

प्रत्येक जिले में एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बने : डॉ संजय कुमार

सर्जन डॉ. संजय कुमार ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना की जाये, ताकि मरीजों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत न पड़े. राज्य के मेडिकल कॉलेजों का विस्तार किया जाये और वहां पर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स शुरू हो. सरकारी अस्पतालों में आइसीयू बेड की संख्या में वृद्धि हो और अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों को शामिल किया जाये.

स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले : डॉ पातंजलि केसरी

डॉ पतंजलि केसरी ने कहा कि सरकार को इस बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए. राज्य के सरकारी अस्पतालों में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, आधुनिक तकनीक को अपनाना और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना आवश्यक है. स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट बढ़ाया जाना चाहिए. इस बजट में टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ सुविधाओं को बढ़ावा मिले, तो बेहतर होगा. इससे मरीज घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे.

चिकित्सा सेवा को और सुदृढ़ बनाने का प्रयास हो : डॉ सुशील कुमार

नेत्र चिकित्सक सुशील कुमार ने कहा कि झारखंड की जनता और चिकित्सा इस बजट में यह देखना चाहती है कि आगामी बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कितनी धनराशि आवंटित की जाती है. और क्या नये सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं. बजट में चिकित्सा सेवा को और सुदृढ़ बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि राज्य के लोगों का भला हो सके. नेत्र चिकित्सा के लिये सभी जिलों में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति व जांच की आधुनिक सुविधाएं मिले.

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By Prabhat Khabar News Desk

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