तीन मार्च को झारखंड राज्य का बजट पेश होने वाला है. इसे लेकर गढ़वा जिला मुख्यालय में प्रभात खबर द्वारा विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ एक परिचर्चा आयोजित की गयी. इस परिचर्चा में गढ़वा जिले में खेलों की स्थिति, खिलाड़ियों की जरूरतें और आगामी बजट में खेल के विकास को लेकर क्या-क्या प्रावधान होने चाहिए, इस पर बात हुई. इस दौरान खेल संघों के पदाधिकारियों ने कहा कि गढ़वा समेत पूरे झारखंड में खेलों का भविष्य उज्जवल है, लेकिन इसके लिए सरकार को गंभीरता दिखानी होगी. आगामी बजट में खेलों के लिए बड़ा फंड, जिला स्तर पर खेल संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) का विकास और खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. प्रस्तुत है जितेंद्र सिंह की यह रिपोर्ट.
जिला ओलंपिक संघ के महासचिव शैलेंद्र पाठक ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गढ़वा जिला समेत पूरे झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है. पर संसाधनों का घोर अभाव है. राज्य सरकार को खेलों के लिए समर्पित बजट बढ़ाने की सख्त जरूरत है. विशेषकर ग्रामीण इलाकों में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाये, ताकि गांव-गांव से खिलाड़ी निकल सकें. जिला स्तर पर एक बहुउद्देश्यीय खेल स्टेडियम, आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर और सभी खेलों के लिए योग्य प्रशिक्षकों की व्यवस्था हो. खेल संघों के लिए भी एक स्थायी फंड का प्रावधान किया जाये. ताकि वे सालभर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर सकें.
फुटबॉल के लिए अलग से फंड हो : आलोक मिश्राजिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष आलोक मिश्रा ने कहा कि फुटबॉल झारखंड के युवाओं के खून में बसता है. खासकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में यह सबसे लोकप्रिय खेल है. लेकिन आज भी गढ़वा जैसे जिलों में फुटबॉल खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पाती हैं. सरकार को बजट में फुटबॉल के लिए अलग से फंड जारी करना चाहिए. इससे प्रशिक्षण केंद्र, बेहतर खेल मैदान और टूर्नामेंट आयोजित किये जा सकें. ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने के लिए ब्लॉक स्तर पर कोचिंग सेंटर बनाये जायें और प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्ति भी दी जाये.
मार्शल आर्ट्स के लिए संसाधन की व्यवस्था हो : ओमप्रकाश गुप्ताजिला किक बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि मार्शल आर्ट्स और किक बॉक्सिंग जैसे खेलों में गढ़वा के युवा खूब रुचि ले रहे हैं. लेकिन इन खेलों के लिए किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिलती. बजट में मार्शल आर्ट्स खिलाड़ियों के लिए उपकरण, मैट, प्रैक्टिस हॉल और प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग का प्रावधान किया जाये. राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को यात्रा व अन्य खर्चों में मदद दी जाये.
बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए बजट में प्रावधान हो : रामप्रवेश तिवारीजिला बॉक्सिंग संघ के सचिव राम प्रवेश तिवारी ने कहा कि गढ़वा में बॉक्सिंग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. लेकिन इसके लिए सुविधाएं शून्य हैं. खिलाड़ियों को खुद से संसाधन जुटाने पड़ते हैं. बजट में बॉक्सिंग रिंग, आधुनिक जिम, ट्रेनिंग सेंटर और अनुभवी कोच की व्यवस्था होनी चाहिए. राज्य सरकार को जिला स्तर पर सालभर प्रतियोगिताएं कराने का भी बजट में प्रावधान करना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को लगातार प्लेटफार्म मिलता रहे.
पहलवानों को बाहर भेजने के लिए बजट हो : चंद्रबहादुर सिंहगढ़वा जिला कुश्ती संघ के सचिव चंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि झारखंड की मिट्टी में पहलवानों की भरमार है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पाते. गढ़वा में कुश्ती के लिए न तो अखाड़े हैं और न ही मैट. बजट में पारंपरिक अखाड़ों के संरक्षण और आधुनिक मेट आधारित कुश्ती प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना का प्रावधान होना चाहिए. स्थानीय पहलवानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भेजने के लिए विशेष फंड बनाया जाये.
आत्मरक्षा आधारित खेलों को स्कूल स्तर से मिले बढ़ावा : मनोज संसाईकराटे संघ के जिला सचिव मनोज संसई ने कहा कि कराटे और अन्य आत्मरक्षा आधारित खेलों को स्कूल स्तर से ही बढ़ावा देने की जरूरत है. सरकार को बजट में ऐसे खेलों के लिए अलग फंड बनाना चाहिए, जिससे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित हो सकें. खिलाड़ियों को खेल उपकरण, ड्रेस और ट्रैवल खर्च में सहायता मिले, तभी ग्रामीण इलाकों के खिलाड़ी आगे आ सकेंगे.
बास्केटबॉल के लिए हो अलग प्रावधान : किशोर कुणालगढ़वा जिला बास्केटबॉल संघ के सचिव किशोर कुणाल ने कहा कि बास्केटबॉल जैसे खेलों को गढ़वा में बहुत कम तवज्जो मिली है. बजट में बास्केटबॉल कोर्ट, आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षक और नियमित प्रतियोगिताओं का प्रावधान होना चाहिए. खासतौर पर स्कूल और कॉलेज स्तर पर प्रतियोगिताओं को अनिवार्य किया जाये, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इस खेल से जुड़ सकें.
अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बने : राघवेंद्र नारायणजिला क्रिकेट संघ के सचिव राघवेंद्र नारायण सिंह उर्फ गुड्डू सिंह ने कहा कि झारखंड क्रिकेट का गढ़ बन सकता है, लेकिन जिला स्तर पर सुविधाओं की भारी कमी है. गढ़वा में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम, आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर और प्रशिक्षित कोच की व्यवस्था के लिए बजट में समुचित प्रावधान होना चाहिए. ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए पंचायत स्तर से क्रिकेट लीग कराए जाएं और प्रतिभावान खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता मिले.
वॉलीबॉल खेल को बढ़ावा देने की कोशश हो : ओमप्रकाश तिवारीवॉलीबॉल संघ के जिला सचिव ओमप्रकाश तिवारी ने कहा कि गढ़वा और आसपास वॉलीबॉल काफी लोकप्रिय है, लेकिन सरकारी सहायता बिल्कुल नहीं मिलती. बजट में ओपन कोर्ट, इंडोर हॉल और नियमित प्रशिक्षण शिविरों का प्रावधान होना चाहिए. साथ ही सभी जिलों में वॉलीबॉल संघ को सालभर प्रतियोगिताएं कराने के लिए आर्थिक मदद मिलनी चाहिए.
जिला स्तर पर बैडमिंटन अकादमी का स्थापना हो : नवनीत शुक्लाजिला बैडमिंटन संघ के सह सचिव नवनीत शुक्ला ने कहा कि गढ़वा में बैडमिंटन के खिलाड़ी संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं. बजट में जिला स्तर पर बैडमिंटन अकादमी, उच्चस्तरीय कोर्ट, कोच और प्रतियोगिताओं का प्रावधान किया जाना चाहिये. खिलाड़ियों को उपकरण और आर्थिक सहयोग भी मिलना चाहिए.
खिलाड़ियों को विशेष आर्थिक सहयोग मिले : हंसानंद स्वामीजिला बैडमिंटन संघ के सचिव हंसानन्द स्वामी ने कहा कि झारखंड में बैडमिंटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन जिला स्तर पर सुविधाओं का घोर अभाव है. बजट में बैडमिंटन कोर्ट, आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षकों की नियुक्ति और खिलाड़ियों के लिए विशेष आर्थिक सहयोग का प्रावधान होना चाहिए. जिला संघ को भी सालभर गतिविधियां संचालित करने के लिए फंड दिये जाने का प्रावधान होना चाहिए.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
