गढ़वा: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई होगी. दस्तावेजों में छेड़छाड़, फर्जी कागजात के इस्तेमाल अथवा मतदाता संबंधी आंकड़ों में हेरफेर करने वाले सीएससी संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसे लेकर गुरुवार को उप निर्वाचन पदाधिकारी कुमुद कुमार झा ने जिले के सीएससी संचालकों के साथ ऑनलाइन बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
फर्जी दस्तावेज से नहीं होगी ऑनलाइन प्रविष्टि
बैठक में संचालकों को दस्तावेजों की जांच और ऑनलाइन प्रविष्टि में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया. किसी मतदाता के निर्वाचन संबंधी आंकड़ों में गलत जानकारी दर्ज करने, तथ्य छिपाने या किसी तरह का बदलाव करने को गंभीर अनियमितता माना जाएगा. संदिग्ध अथवा फर्जी दस्तावेज के आधार पर किसी भी प्रकार का ऑनलाइन आवेदन या प्रविष्टि नहीं करने का निर्देश दिया गया.
विदेशी नागरिकों को लेकर विशेष सतर्कता
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी विदेशी नागरिक का नाम अथवा दस्तावेज गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो. इसे लेकर सीएससी संचालकों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया. जहां नियमानुसार आवश्यकता हो, वहां खतियान तथा वंशावली/परिवार सूची संबंधित दस्तावेज के रूप में उपलब्ध करायी जा सकती है.
गड़बड़ी पर प्राथमिकी दर्ज होगी
उप निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गलत दस्तावेज, फर्जी जानकारी अथवा निर्वाचन संबंधी आंकड़ों में छेड़छाड़ की पुष्टि होने पर संबंधित सीएससी संचालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
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संदिग्ध गतिविधि की दें सूचना
उप निर्वाचन पदाधिकारी कुमुद कुमार झा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कार्य में किसी भी संदिग्ध या गलत गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी अथवा अंचल अधिकारी को सूचना दें. उन्होंने सभी संचालकों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा. मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाने में सीएससी संचालकों की महत्वपूर्ण भूमिका है.
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