किसानों की समस्याओं पर भाजपा का हल्लाबोल, मेराल और धुरकी ब्लॉक में उग्र प्रदर्शन

Garhwa News: गढ़वा के मेराल और धुरकी प्रखंड में किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा ने धरना-प्रदर्शन किया. नेताओं ने धान का बकाया भुगतान, 3200 रुपये एमएसपी, कृषि ऋण माफी और किसानों के लिए योजनाएं लागू करने की मांग उठाते हुए राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गढ़वा से संजय तिवारी और अनूप जायसवाल की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के किसानों की ज्वलंत समस्याओं और राज्य सरकार की कथित वादाखिलाफी के खिलाफ मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गढ़वा जिले के मेराल और धुरकी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान भाजपा नेताओं ने हेमंत सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और कहा कि महागठबंधन की सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है. धरना प्रदर्शन के बाद दोनों ही जगहों पर महामहिम राज्यपाल के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारियों को मांग पत्र सौंपा गया.

बकाया धान मूल्य भुगतान करने की मांग

मेराल प्रखंड कार्यालय परिसर में भाजपा जिला अध्यक्ष उदय कुशवाहा की अध्यक्षता में जोरदार प्रदर्शन किया गया. नेताओं ने कहा कि चुनाव के समय सरकार ने किसानों को 3200 प्रति क्विंटल धान का मूल्य देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज स्थिति यह है कि पैक्सों में बेचे गए धान का बकाया मूल्य भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है.प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन प्रखंड नाजिर सुनील कुमार को सौंपा गया, जिसे वीडीओ-सह-सीओ यशवंत नायक के माध्यम से जिला मुख्यालय भेजा गया. मेराल के प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार केसरी, राजेश कुमार यादव, विवेकानंद तिवारी, हरेंद्र कुमार द्विवेदी, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद कुमार चौबे, रमाकांत गुप्ता सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.

किसानों के प्रति सरकार उदासीन: मंगल यादव

उधर, धुरकी प्रखंड मुख्यालय पर मंडल अध्यक्ष मंगल यादव के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना दिया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला के पूर्व महामंत्री इंद्रमणि जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में किसान प्राकृतिक आपदा और ओलावृष्टि की दोहरी मार झेल रहे हैं, लेकिन सरकार उनके प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है.हेमंत सरकार की गलत नीतियों के कारण फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है.

धुरकी के बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

धुरकी में भी राज्यपाल के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा गया. इस दौरान सांसद प्रतिनिधि सुक्लेश राय, महामंत्री सुदर्शन प्रसाद गुप्ता, संजय जायसवाल, कुंदन सिंह, संजय सिंह, सुरेंद्र विश्वकर्मा, सुरेश चंद्रवंशी, विपिन यादव, प्रिंस यादव, संतोष पासवान, रामचंद्र ठाकुर, बलवंत यादव, अनिल गुप्ता, अवधेश सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे.

इसे भी पढ़ें: कुड़ू में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, तीन पेट्रोल पंप बंद तो कहीं किस्तों में मिल रहा तेल

भाजपा की प्रमुख मांगें

  • किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी ) 3200 प्रति क्विंटल दिया जाए.
  • पैक्सों में बेचे गए धान की बकाया राशि का अविलंब भुगतान हो.
  • सब्सिडी पर समय से खाद, उन्नत बीज और कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएं.
  • भाजपा शासनकाल में शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना’ को पुनः चालू किया जाए.
  • किसानों का 2 लाख तक का कृषि ऋण पूरी तरह माफ हो.
  • जिले के हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की जाए.
  • फसल बीमा योजना का लाभ सुचारू रूप से दिया जाए.
  • किसानों को 450 में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए.

इसे भी पढ़ें: गढ़वा में पेयजल संकट पर डीसी साहब सख्त, झार जल पोर्टल पर 7 दिनों से अधिक पेंडिंग नहीं रहेगी शिकायत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >