गढ़वा. आजसू के जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने गढ़वा जिले के प्राइवेट स्कूलों द्वारा री एडमिशन और वार्षिक शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूली के विरोध में उपायुक्त को मांगपत्र सौंपा है. आवेदन में उन्होंने कहा है कि इस मामले में वे पहले भी आवेदन देकर रोक लगाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. दीपक शर्मा ने कहा कि जिले के अधिकांश निजी स्कूलों में अलग-अलग किताबों का चयन किया जाता है और ये किताबें स्कूल या उनसे जुड़े कुछ दुकानों के अलावा कहीं और उपलब्ध नहीं होती हैं. स्कूलों में पुरानी किताबें चलाने की अनुमति भी नहीं दी जाती और नयी किताब खरीदना अनिवार्य कर दिया जाता है. कक्षा एक से आठ तक की किताबों की कीमत तीन हजार से लेकर दस हजार रुपये तक होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन किताबों पर 50 से 70 प्रतिशत तक कमीशन के रूप में स्कूल प्रबंधन कमाई करते हैं, जिसका सीधा बोझ अभिभावकों पर पड़ता है. आवेदन में कहा गया है कि जिले में प्राइवेट स्कूलों द्वारा रिएडमिशन और वार्षिक शुल्क के नाम पर अभिभावकों से लगभग 100 करोड़ रुपये की उगाही की जा रही है.
प्राइवेट स्कूलों पर मनमानी पर लगे रोक
प्राइवेट स्कूलों पर मनमानी पर लगे रोक
