पति की प्रताड़ना से तंग आकर दुधमुंहे बच्चे के साथ घर छोड़ निकली थी महिला विजय सिंह, भवनाथपुर आमतौर पर पुलिस का नाम जेहन में आते ही डर और सख्ती की तस्वीर है, लेकिन रविवार रात भवनाथपुर पुलिस ने संवेदनशीलता की एक नयी मिसाल पेश की. आधी रात को सड़क पर अपने एक साल के मासूम बच्चे को गोद में लिये रोती हुई जा रही एक बेबस महिला को पुलिस ने न सिर्फ सहारा दिया, बल्कि उसे परिजनों तक भी सुरक्षित पहुंचाया. जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब आठ टाउनशिप भवनाथपुर मुख्य पथ पर स्थित देवी धाम के समीप एक महिला अपने एक वर्षीय बालक को गोद में लेकर रोती हुई पैदल जा रही थी. तभी गश्त पर निकले सब इंस्पेक्टर परवेज आलम की नजर उसपर पड़ी. रात के सन्नाटे में महिला को इस हाल में देख उन्होंने महिला से रोने का कारण पूछा. पूछताछ में महिला ने अपनी पहचान कमला कुमारी (पिता – लाल बिहारी भुइयां, रेलवे साइडिंग निवासी) के रूप में दी. कमला ने बताया कि बिहार के रोहतास किला में रहने वाली उसकी बड़ी बहन के घर उसका परिचय हरियाणा निवासी विपुल राजपूत से हुआ था. प्रेम प्रसंग के बाद दोनों ने शादी कर ली. वर्तमान में उसका पति रेलवे साइडिंग पर फुटपाथ पर कपड़ा बेचने का काम करता है. महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति अक्सर उसके साथ मारपीट कर उसे प्रताड़ित करता है, जिससे तंग आकर वह घर छोड़ने को मजबूर हो गयी. इसके बाद सब इंस्पेक्टर परवेज आलम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला और बच्चे को जीप में बैठाया और सीधे उसके घर पहुंच गये, जहां उसके पति की खोजबीन की गयी, लेकिन वह फरार मिला. इसके बाद महिला को उसके अन्य परिजनों को सौंप दिया गया. सब इंस्पेक्टर ने परिजनों और महिला को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यदि दोबारा मारपीट या प्रताड़ना की घटना होती है, तो घर छोड़कर भागने के बजाय सीधे थाने आकर लिखित शिकायत दर्ज करायें. पंसे नागरिकों की सुरक्षा करना भी पुलिस का काम: सब इंस्पेक्टर सब इंस्पेक्टर प्रवेज आलम ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि संकट में फंसे नागरिकों की सुरक्षा करना भी है. महिला को असुरक्षित हालत में देखकर उसे सुरक्षित घर पहुंचाना हमारी प्राथमिकता थी.
आधी रात सड़क पर रोती मिली बेबस मां, पुलिस ने सुरक्षित पहुंचाया घर
पति की प्रताड़ना से तंग आकर दुधमुंहे बच्चे के साथ घर छोड़ निकली थी महिला
