धुरकी (गढ़वा)
झारखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र में अंधविश्वास की आड़ में एक महिला को बहला-फुसलाकर लाने का मामला सामने आया है. शुक्रवार को बीरबल गांव में ग्रामीणों की सतर्कता से एक अधेड़ मौलाना और महिला को पकड़ लिया गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया. जानकारी के अनुसार बीरबल गांव निवासी कलाम अंसारी के घर में शुक्रवार अहले सुबह एक संदिग्ध मौलाना और दूसरे समुदाय की महिला को देखा गया. ग्रामीणों को शक होने पर उन्होंने पूछताछ शुरू की. सूचना मिलने पर सगमा प्रखंड प्रमुख अजय साह भी मौके पर पहुंचे. पूछताछ में मौलाना ने अपना नाम अकबर अंसारी बताया, जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा का रहने वाला है. वहीं महिला की पहचान प्रीति दीक्षित के रूप में हुई, जो सोनभद्र जिले के अनपरा की निवासी है. महिला के साथ उसका दो माह का बच्चा भी था. महिला ने बताया कि मौलाना उसे झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर अपने साथ झारखंड लेकर आया था. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मौलाना का महिला के घर आना-जाना था और उसने अंधविश्वास का सहारा लेकर महिला को घर छोड़ने के लिए प्रेरित किया. इधर महिला के पति मुकेश दीक्षित ने बताया कि उनकी पत्नी दो दिन पहले लापता हो गयी थी और परिवार के लोग उत्तर प्रदेश में उसकी तलाश कर रहे थे. धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राऊत ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया अंधविश्वास और अपहरण से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. उत्तर प्रदेश पुलिस से महिला की गुमशुदगी से संबंधित जानकारी मांगी गयी है. पीड़िता के बयान और परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
