विशुनपुरा : गुरुवार को जतपुरा गांव पहुंचकर विधायक ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की. साथ ही शोक संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को हरसंभव सहयोग दिलाने का आश्वासन दिया. इस अवसर पर विघायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि उनके क्षेत्र में घटी इस घटना से वे काफी मर्माहत हैं.
इस घटना के सबसे ज्यादा दोषी बालू माफिया हैं. बालू के इस कारोबार में देश के बडे – बडे माफिया और डॉन घुसे हुए हैं. बालू का काम करने वाले कोई भी झारखंडी नही हैं. सब बाहर से आये कुख्यात अपराधी, माफिया और डॉन हैं, जिन पर सैकड़ों केस दर्ज है. उन्होंने कहा कि खनन विभाग के लापरवाही के कारण घटना घटी. लेकिन 14 दिन होने के बाद भी किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. प्रशासनिक लापरवाही होने पर बचाव के लिए जांच की गति धीमी कर दिया जाता है. वहीं बालू घाट के लिए फर्जी आमसभा भी कराया गया.लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ हैं और परिजनों मुआवजा व नौकरी मिले इसके लिए वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे.
इस दौरान ग्रामीणों ने मृतक तीनों पिता-पुत्र को शहीद का दर्जा और उसके नाम पर गांव में गेट बनाने की मांग की़ जिस पर श्री शाही ने स्वीकृति प्रदान करते हुए मृतक के नाम पर गेट बनाने की घोषणा की़
इस मौके पर भगत दयानंद यादव, लक्ष्मण राम, पलामू जिला अध्यक्ष कृपाल सिंह, विधायक प्रतिनिधि पंकज कुमार सिंह, रमना प्रखंड अध्यक्ष सोनु सिंह, अनिल गुप्ता, शंकर चंद्रवंशी, मनोज कुमार एवं अजय गुप्ता सहित ग्रामीण उपस्थित थे
