पति-पत्नी के रिश्ते को विखंडित नहीं होने दें

धुरकी : प्रखंड के सभी गांवों में गुरुवार को महिलाओं ने वटवृक्ष की पूजा की. इस मौके पर महिलाओं ने वटवृक्ष के पास जाकर वृक्ष में धागा लपेट कर परिक्रमा किया और इसके बाद मंदिर में पूजा अर्चना की. इस दौरान उन्होंने अपने पति की लंबी आयु के लिए कामना की. इस अवसर पर महिलाओं […]

धुरकी : प्रखंड के सभी गांवों में गुरुवार को महिलाओं ने वटवृक्ष की पूजा की. इस मौके पर महिलाओं ने वटवृक्ष के पास जाकर वृक्ष में धागा लपेट कर परिक्रमा किया और इसके बाद मंदिर में पूजा अर्चना की. इस दौरान उन्होंने अपने पति की लंबी आयु के लिए कामना की.
इस अवसर पर महिलाओं को पूजा करा रहे पंडित दिनेश पाठक ने संदेश देते हुए कहा कि अपने पतिव्रत धर्म की बदौलत सती सावित्री ने यमराज से अपने पति की प्राण वापस करायी थी. उसी समय से यह वट वृक्ष पर्व महिलाओं द्वारा किया जाता रहा है. उन्होंने कहा कि पत्नी को समझने की जरूरत है कि उसके लिए पति ही सबकुछ है. साथ ही पति को भी अपनी पत्नी को सुख और दुख का ख्याल रखना चाहिए. पति-पत्नी के इस पवित्र रिश्ता को कभी भी विखंडित नहीं होने देना चाहिए.
रमना. प्रखंड में विभिन्न जगहों पर सुहागिन महिलाओं नेे वट सावित्री व्रत किया गया
महिलाओं ने गुरुवार को उपवास रखकर अपने पति के दीर्घायु होने की कामना की. इस अवसर पर बाजार स्थित कर्पूरी चौपाल के पास स्थित वट वृक्ष के नीचे सुबह से ही महिलाओं की भीड़ लगनी शुरू हो गयी थी. पूजा का क्रम दोपहर तक चलता रहा. इस मौके पर पूजा करा रहे प्रमोद मिश्रा ने कहा कि सतयुग में सती सावित्री ने अपने सतीत्व व बुद्धिमानी से अपने पति सत्यवान के प्राणों को हर कर ले जा रहे मृत्यु के देवता यमराज से रक्षा की थी. तब से आज तक इस दिन वट सावित्री ब्रत रख कर महिलाएं भगवान से अपने पति के लंबी आयु की कामना करती आ रही हैं. यह प्रचलन तभी से लगातार चलता आ रहा है. इस मौके पर काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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