रमना : भाकपा माले के नेतृत्व में जतपुरा हत्याकांड के खिलाफ प्रतिवाद मार्च व विरोध सभा का आयोजन किया गया. इसकी शुरुआत भगत सिंह चौक से किया गया, जो मेन रोड होते हुए गुलहरी बांध तक गया़ इसके पश्चात् सर्वेश्वरी चौक पर एक नुक्कड़ सभा आयोजित की गयी.
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकपा माले के नेताओं ने कहा कि रघुवर सरकार में कोई सुरक्षित नहीं है. किसान,मजदूर, छात्र, नौजवान तथा महिलाएं अपने हक की बात करते हैं, तो उन्हें अधिकार देने के बदले थोक भाव में उनका जान ले लिया जाता है़
सरकार औद्योगिक घरानों व माफियाओं को खुश रखने के लिए तमाम लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंट रही है़ उन्होंने कहा कि सरकार उनके पत्थर, बालू व जमीन को छीनकर झारखंडियों को कंगाल बना रही है़ विरोध करने वाले को मौत के घाट उतारा जा रहा है. जतपुरा की घटना गढ़वा जिला ही नहीं, पूरे झारखंड को हिलाकर रख दिया.
इस घटना से महीनों दिन पहले ग्रामीणों ने श्मशान घाट को बचाने के लिए उपायुक्त गढ़वा, खनन पदाधिकारी, एसडीओ व सीओ को लिखित रूप से आवेदन दिया गया. परंतु प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई पहल नहीं की. फलस्वरूप खनन माफिया का मनोबल बढ़ा और घटना को अंजाम दिया. इस घटना से यह स्पष्ट हो गया कि रघुवर दास के शासन में सामंती शक्तियों व कॉरपोरेट घरानों को लूट की पूरी छूट दी गयी है़ उन्होंने कहा कि भाकपा माले संपूर्ण घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग करती है.
उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रति व्यक्ति 50 लाख मुआवजे की मांग की. सभा को भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य रवींद्र राम, कालीचरण मेहता, दिव्या भगत, वीरेंद्र चौधरी, सुषमा मेहता, कामेश्वर विश्वकर्मा, लालमुनी गुप्ता, अनिता तिवारी, विनय यादव, महेंद्र सिंह, गणेश बैठा, सहित दर्जनों नेताओं ने संबोधित किया.
