गढ़वा : गायत्री परिवार गढ़वा ने वसंत पंचमी के अवसर पर एकदिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया. स्थानीय तपोभूमि निमिया स्थान में वसंत पंचमी को वसंत पर्व के रूप में मनाया गया.
इसकी शुरुआत सुबह छह बजे से आठ बजे तक सामूहिक जप से किया गया. इसके बाद मां सरस्वती, उनकी सवारी मयूर व वाद्य यंत्रों की विशेष पूजा की गयी. इसके बाद सामूहिक हवन यज्ञ किया गया. इस अवसर पर संतन मिश्र ने कहा कि वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा का विशेष लाभ होता है. सरस्वती माता विद्या की देवी हैं. आज के समय में सभी को विद्या की जरूरत है. इसलिए सभी आयु वर्ग के लोगों को वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा व उनकी अाराधना करनी चाहिए. लेकिन सरस्वती पूजा मुख्यत: विद्यार्थियों तक सिमटा हुआ है. उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का यह वसंत पर्व सबसे बड़ा त्योहार है.
क्योंकि इसी दिन परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का अपने दादा गुरुदेव से साक्षात्कार हुआ था. जब उन्हें उनके जन्म का उद्देश्य बताया गया था. इसलिए गायत्री परिजन इस दिन को गुरुदेव का आध्यात्मिक जन्म दिन के रूप में मनाते हैं. इस अवसर पर बनारसी पांडेय, दिलीप तिवारी, डॉ सुनील विश्वकर्मा, रंजीत केसरी, मनोज मिश्र, अशोक प्रसाद, वैजनाथ सिंह, शोभा पाठक, संगीता देवी, अनिता देवी, ममता तिवारी, सुनंदा दुबे, पूनम चौबे, विभा मिश्र, कांति दुबे सहित काफी संख्या में परिजन उपस्थित थे.
