सगमा. सगमा प्रखंड के घघरी गांव में सेंट्रल बैंक के तीन खाताधारियों के खाते में करीब ढाई करोड़ रुपये दिखने के बाद यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया़ इस समय नोटबंदी को लेकर करीब कुबेरों ने अपने काले धन को बचाने के लिए किसी अन्य के खाते में पैसे डालने की खबर विभिन्न शहरों से आती रही है़
घघरी में जब इसी तरह एक महिला सहित दो खाताधारियों के खाते में जब लाखों रुपये अचानक देखे गये, तो खाताधारियों ने इसी बात की आशंका से कि किसी ने अपने काले धन को बचाने के लिए उनके खाते का उपयोग किया है़ इससे ये ग्रामीण काफी भयभीत हो गये़ लेकिन जब इसकी तहकीकात की गयी, तो महज यह कंप्यूटर की त्रुटि साबित हुई, जिसे तुरंत सुधार लिया गया़ वाकया घघरी गांव की है, जहां ग्राहक सेवा केंद्र के खाताधारक रवींद्र कुमार जायसवाल ने खाता संख्या 3962234036 से पिछले आठ दिसंबर को 2000 रुपया की निकासी की़ निकासी के पश्चात उसके खाते में बैलेंस के रूप में 7796786 रुपये ( करीब 78 लाख) दर्ज हो गया़ इसी तरह घघरी गांव के ही सुरेंद्र कुमार के खाता नंबर 3411261557 द्वारा नौ दिसंबर को 2500 रुपये की निकासी की गयी और बैलेंस के रूप में 7499952 रुपये देखे गये़ इसी तरह चैनपुर गांव की यशोदा देवी ने अपने खाता 3328442732 द्वारा 10 दिसंबर को दो हजार रुपये की निकासी की, तो बैलेंस के रूप में 7811794 रुपया रसीद पर दर्ज हो गया़
लेकिन इससे परेशान तीनों ग्राहक जब दूसरे दिन अपने बैलेंस की तहकीकात करने के लिए सेंट्रल बैंक के शाखा में गये, तो उनके खाते में वास्तविक बैलेंस को बताया गया़ रवींद्र जायसवाल के खाते में मात्र 7293, सुरेंद्र कुमार के खाते में 33 हजार रुपये और यशोदा देवी के खाते में ही 6000 रुपये थे़ इसके बाद तीनों ने राहत की सांस ली और संतुष्ट होकर घर लौटे. लेकिन इस बीच यह खबर यह खबर चारों ओर फैल गयी कि उपरोक्त लोगों के खाते में किसी ने अपने काले धन को जमा कर दिया है़
कंप्यूटर की गलती : आलोक : ग्राहक सेवा केंद्र घघरी के संचालक आलोक कुमार ने बताया कि कंप्यूटर की त्रुटि के कारण ऐसा होता है़ लेकिन इसका पुन: ठीक करने के बाद खाताधारियों का वास्तविक राशि उनके खाते में दिखती है़
