गढ़वा : खुले में शौच से मुक्त करने के लिए चयनित प्रखंड के मुखिया तथा प्रखंड समन्वयकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. समाहरणालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में प्रकल्प के जिला समन्वयक संतोष कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से विस्तार से प्रशिक्षण दिया़ उन्होंने बताया कि जिले के डंडा प्रखंड को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित किये जाने के पश्चात केतार, सगमा, विशुनपुरा, बरडीहा एवं मेराल प्रखंड को ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है़
इसमें 31 दिसंबर तक मेराल प्रखंड को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर देना है़ जबकि शेष चारों प्रखंडों को मार्च 17 तक ओडीएफ करना है. उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग के बिना यह कार्य संभव नहीं है़ पंचायत प्रतिनिधि जिसमें मुखिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है वे ग्रामीणों को इसके प्रति जागरूक करे़ं
