सीएनटी-एसपीटी बिल को समर्थन देनेवालों को विपक्षी दलों ने चेताया, कहा
सीएनटी एसपीटी बिल के विरोध विपक्षियो ने झारखंड बंद को सफल बनाने की अपील की
गढ़वा : सीएनटी एसपीटी काला कानून है़ इसके विरोध में अभी तो सदन में ही जूते चले हैं, अब सड़कों पर वैसे नेताओं को जनता दौड़ा-दौड़ा कर पिटेगी़ उक्त बातें गुरुवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने स्थानीय झामुमो के जिला कार्यालय में एक संयुक्त प्रेसवार्ता कर कही़ कांग्रस, झामुमो व राजद के नेताओं ने जिलेवासियों को शुक्रवार को झारखंड बंद को सफल बनाने की अपील की है़ प्रेसवार्ता में नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ी रघुवर दास जबरदस्ती सदन में बिल लाकर दो मिनट में पारित करा दिया़ इस काला कानून के विरोध में वे सभी सदन से लेकर सड़क तक लड़ाई करेंगे़ सरकार राज्य के आदिवासियों को उजाड़ने और कॉरपोरेट घराने को बसाने का काम कर रही है, जिसे वे होने नहीं देंगे़
नेताओं ने कहा कि छोटानागपुर कास्तकारी व संथाल कास्तकारी अधिनियम(सीएनटी एवं एसपीटी)हूल आंदोलन की उपज है़ संथाल कास्तकारी अधिनियम के तहत पिछड़े, दलित एवं आदिवासियों के रैयती हितों के अधिकारों की रक्षा के लिए इसे बनाया गया है़ इस कानून के तहत रैयती भूमि का हस्तानांतरण अवैध है़, जबकि छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम के तहत भूमि का हस्तानांतरण सिर्फ अपनी ही जातियों में जिले के उपायुक्त के अनुमति के बाद ही होगा. उसमें हास्तानांतरण अपने थाना के अंर्तगत रहनेवालों के साथ ही होगा़ उक्त अधिनियम का उद्देश्य यह है कि आदिवासियों की भूमि को कोई लूट न सके़ नेताओं ने कहा कि यद्यपि रघुवर दास झारखंड के रहनेवाले नहीं हैं. वे इस्ट इंडिया कंपनी की तरह काम कर रहे है़
उक्त लोगों ने कहा कि यह कानून रघुवर सरकार के ताबूत की अंतिम कील साबित होगी़ वहीं सरकार के आदिवासी नेता सिर्फ अपना हित देख रहे हैं, जनता का नहीं इसलिए जनता उन्हें भी सबक सिखायेगी़ प्रेसवार्ता में झामुमो के जिला संयोजक विनोद तिवारी,केंद्रीय सदस्य परेश कुमार तिवारी, मनोज ठाकुर, सुनील किसपोट्टा, राजेश तिवारी, मिथिलेश झा, फेंस क्लब के अध्यक्ष आशुतोष पांडेय, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आशिक अंसारी, युवा प्रदेश के नेता अरविंद तूफानी, पूर्व जिलाध्यक्ष कमर सफदर, राजद के जिलाध्यक्ष जमीरूद्दीन अंसारी उपस्थित थे़
