– जितेंद्र सिंह –
गढ़वा : गढ़वा जिले को प्रत्येक माह 100 यूनिट रक्त की जरूरत है. पांच वर्ष पूर्व स्थापित ब्लड बैंक इसकी पूर्ति करने में सक्षम नहीं है. क्योंकि यहां जितना रक्त संग्रह होता है, उससे अधिक डिमांड है. डिमांड बढ़ता ही जा रहा है.
इसके कारण रक्त की कमी से जूझते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्वयंसेवी संगठनों के भरोसे संचालित इस ब्लड बैंक की क्षमता 30 यूनिट है. यहां ब्लड बैंक खोले जाने के बाद रक्त की कमी की वजह से मौत नहीं के बराबर ही हुई है.
दिन हो या रात विभिन्न स्वयंसेवी संगठन के लोग रक्त की कमी को पूरा करने की कवायद में लगे रहते हैं. समाचार के अनुसार 24 जुलाई 2008 को गढ़वा सदर अस्पताल परिसर में 30 यूनिट क्षमतावाले इस ब्लड बैंक का उदघाटन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने किया था.
वर्तमान समय में जिले में रक्त की खपत के मुताबिक ब्लड बैंक को 100 यूनिट रक्त प्रति माह चाहिए़ लेकिन रक्तदाताओं की कमी व संग्रह की व्यवस्था नहीं होने के कारण रक्त की कमी का सामना मरीजों को करना पड़ रहा है.
आमद से अधिक खर्च
गढ़वा ब्लड बैंक में पिछले तीन महीनों में जितने खून का संग्रह हुआ, उससे अधिक खपत हुई़ जून माह में 84 यूनिट रक्त मिला. इसमें 65 यूनिट खर्च हुआ़ जुलाई में 95 यूनिट रक्त मिला और 102 यूनिट खर्च हुआ़ वहीं अगस्त महीने में 112 यूनिट रक्त प्राप्त हुआ़ जबकि 117 यूनिट का खपत हुआ़ ब्लड बैंक कर्मियों के अनुसार यहां औसतन हर महीने 100 यूनिट रक्त की जरूरत है. उस हिसाब से रक्त प्राप्त नहीं हो रहा है. स्थिति यही रही, तो आनेवाले समय में रक्त की कमी के कारण जिले में मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है.
