गढ़वा : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच समाहरणालय स्थित प्रशिक्षण केंद्र भवन में बुधवार को जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा मेहता के विरुद्ध लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा एवं मतदान कराया गया. पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व पीठासीन पदाधिकारी सह उपायुक्त आरपी सिन्हा ने किया.
जबकि सुरक्षा की जिम्मेवारी गढ़वा एसडीओ राजीव रंजन के नेतृत्व में एसडीपीओ हीरालाल रवि संभाल रहे थे. पूर्वाह्न् 11 बजे से प्रारंभ हुई प्रक्रिया के पहले चरण में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की गयी. इसमें तीन बिंदुओं पर सदस्यों ने अपनी–अपनी बात रखीं.
इसमें जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा नियम विरुद्ध कार्य करने, पंचायत समिति की अनदेखी करने एवं भ्रष्टाचार में संलिप्तता के बिंदु पर पक्ष–विपक्ष में करीब दो घंटे तक चर्चा की गयी. चर्चा समाप्ति के बाद अपराह्न् एक बजे से मतदान कराया गया. इसमें उपस्थित कुल 44 सदस्यों में 42 सदस्यों ने मतदान किया.
मेराल जिप सदस्य वीरेंद्र साव एवं नियमानुसार जिप अध्यक्ष सुषमा मेहता ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. कुल डाले गये 42 मतों में 36 अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में तथा पांच विरोध में मत पड़े. एक मत रद्द घोषित किया गया. विदित हो कि इसके पूर्व वर्ष 2012 में जिप अध्यक्ष सुषमा मेहता के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था.
इस अवसर पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुनील दत्त खाखा, जिला योजना पदाधिकारी अरुण कुमार द्विवेदी, कार्यपालक दंडाधिकारी सुषमा नीलम सोरेंग, अंचलाधिकारी प्रमोद कुमार झा, शांति कुमार पांडेय सहित कई लोगोंने सक्रिय भूमिका निभायी.
