तीन लाख की लागत से बना बालिका छात्रावास बेकार

धुरकी(गढ़वा) : दशम वित्त आयोग के तहत प्रखंड की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के उद्देश्य से प्रखंड मुख्यालय में बनाया गया बालिकाओं का आवासीय उच्च विद्यालय छात्रावास पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रहा है. इस छात्रावास का निर्माण वित्तीय वर्ष 2001-02 में तीन लाख रुपये की लागत से कर्पूरी चौपाल के पास कराया गया था. […]

धुरकी(गढ़वा) : दशम वित्त आयोग के तहत प्रखंड की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के उद्देश्य से प्रखंड मुख्यालय में बनाया गया बालिकाओं का आवासीय उच्च विद्यालय छात्रावास पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रहा है. इस छात्रावास का निर्माण वित्तीय वर्ष 2001-02 में तीन लाख रुपये की लागत से कर्पूरी चौपाल के पास कराया गया था.

लेकिन छात्रावास निर्माण के बाद से यहां आज तक शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गयी और न ही छात्रावास में रहने के लिए छात्राओं का नामांकन भी हुआ, जिसके कारण तीन लाख रुपये का बनाया गया यह भवन बेकार साबित हो रहा है. 10 वर्ष से अधिक समय गुजरने के बाद रख-रखाव के अभाव में यह भवन खंडहर का रूप लेने लगा है. भवन में लगी खिड़कियां टूट कर गिरने लगी है. शौचालय भी ध्वस्त हो चुका है. सुनसान रहने के कारण अब उसमें पशु रहने लगे हैं.

विदित हो कि धुरकी प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय कर उच्च विद्यालय की पढ़ाई के लिये छात्राओं को धुरकी आना पड़ता है. प्रतिदिन इतनी दूरी तय करने के कारण अधिकांश लड़कियां बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती हैं. छात्राओं की इस स्थिति को देखते हुए ही सरकार ने इस छात्रावास का निर्माण कराया था. लेकिन सरकार का यह उद्देश्य आजतक पूरा नहीं हो पाया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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