जिले में 12 से अधिक पिकनिक स्पॉट पर हर साल जुटते हैं काफी सैलानी
गढ़वा : जंगल, नदी, पहाड़ व झरना से मनामोहक छटा बिखेरने वाली खनिज संपदाओं से भरपूर प्राकृतिक के गोद में बसा गढ़वा जिला के कई पिकनिक स्पॉट सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है. छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमाओं से लगा इस जिले के कई प्रखंडों में खूबसूरती के एक से बढ़ कर एक नजारा बरबस ही लोगों को अपनी ओर खिंचती रही है.
अमूमन यहां के लगभग सभी पिकनिक स्पॉट पर जिला मुख्यालय से होकर जाया जा सकता है. और शाम को पुन: यहां लौटा जा सकता है. उग्रवाद की काली छाया का तिलिस्म ध्वस्त होते ही पिकनिक स्पॉट गुलजार होने लगे हैं. इन स्थलों पर दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर 14 जनवरी तक अनवरत लोगों का हुजूम पहुंचता रहता है. इस हुजूम में हर वर्ग के लोग होते हैं.
सतबहिनी झरना : कांडी प्रखंड का सतबहिनी झरना जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी दूर है. यहां कई मंदिरों के अलावा आकर्षक झरना लोगों को बरबस यहां खींच लाती है. वैसे तो यहां सालों भर लोगों का तांता लगा रहता है. लेकिन एक व 14 जनवरी को यहां काफी भीड़ होती है. यहां निजी वाहनों से पहुंचा जा सकता है.
गुरुसिंधु जलप्रपात: गढ़वा जिला मुख्यालय से 40 किमी और चिनिया प्रखंड मुख्यालय से 15 किमी दूर कनहर नदी में स्थित गुरुसिंधु जलप्रपात की नयनाभिराम दृश्य लोगों को यहां खींच लाती है. यह स्थल भी छत्तीसगढ़ की सीमाओं से लगा है. ऊंचे-ऊंचे चट्टानों से गिरता पानी का फव्वारा, चतकते रेत व रंगीन पत्थरों का समूह यहां से हटने नहीं देती. यहां भी सुबह जाकर शाम को लौटा जा सकता है. यहां भी निजी वाहन से ही जाना ठीक रहेगा. दिसंबर से लेकर पूरा जनवरी तक यहां पिकनिक मनानेवालों की भीड़ देखी जा सकती है.
सुखलदरी झरना(कर्पूरी ठाकुर पर्यटक स्थल): जिला मुख्यालय से 70 किमी और नगऊंटारी अनुमंडल मुख्यालय से 35 किमी तथा धुरकी प्रखंड मुख्यालय से 15 किमी दूर प्राकृतिक के गोद में बसे दो राज्यों छत्तीसगढ़ व झारखंड को विभाजित करनेवाली कनहर नदी में स्थित सुखलदरी झरना(कपरूरी ठाकुर पर्यटक स्थल) का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को यहां खींच लाती है.
यहां 14 जनवरी को लगनेवाला मेला का विहंगम दृश्य इसकी सुंदरता व अनुपम छटा की पुष्टि करती है. मकर संक्रांति के दिन यहां यूपी के सोनभद्र जिला के अलावा छत्तीसगढ़ व झारखंड के गढ़वा जिले के कई इलाकों से लोग पहुंचते हैं. यह मेला एक माह तक चलता है.
