अधिकारियों द्वारा उनकी जमीन को नहीं छीनने के आश्वासन पर मापी को हुए राजी
ग्रामीणों के सामने आज की जायेगी भूमि की मापी
रमकंडा (गढ़वा) : रमकंडा प्रखंड के सबाने गांव की खाली पड़ी गैरमजरूआ जमीन में बनाये जाने वाले पावर ग्रिड निर्माण को लेकर बुधवार को जमीन की मापी करने पहुंचे अंचल पदाधिकारी रामजी वर्मा सहित अन्य अधिकारियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. विरोध की वजह से अधिकारियों को बिना मापी किये ही बैरंग लौटना पड़ा.
मापी के दौरान जमीन छीनने के भय से आशंकित सबाने गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने जमीन मापी नहीं किये जाने पर अड़ गये. उन्हें इस बात का भय सता रहा था कि कहीं पावर ग्रिड निर्माण के चक्कर में उनकी जमीन छीन न ली जाये.
इस दौरान मुखिया राजकिशोर यादव सहित अन्य अधिकारियों द्वारा इन्हें समझाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण जमीन की मापी नहीं होने पर अड़े रहे. करीब तीन घंटे के बाद सीओ रामजी वर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों के बंदोबस्ती व जोत-कोड़ कर रहे जमीन को छोड़कर खाली पड़े जमीन पर ग्रिड के लिये उपयुक्त जमीन की मापी करने का आश्वासन दिया. इसके बाद विरोध शांत हुआ.
इस दौरान सीओ ने उन्हें इस बात से पूरी तरह आश्वस्त किया कि किसी भी परिस्थिति में उनकी जमीन नहीं छीनी जायेगी. लेकिन विरोध कर रहे ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से गुरुवार को गांव में बैठक करने के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों की उपस्थिति में जमीन की मापी कराने पर सहमति बनी.
निर्माण स्थल पर विरोध कर रहे ग्रामीण दशाय मुंडरी, रमाय मुंडा, कैरा मुंडा, बिसुन मुंडा, सुनील मुंडरी, सन्दू मुंडरी, आशिक मुंडू, चड़ा मुंडरी, सोबरन मुंडरी, संजाय मुंडा, चड़ा मुंडा, सोबरन मुंडा, रामसहाय मुंडा, सागर मुंडा, रतु मुंडा आदि ने कहा कि बिना सूचना दिये अचानक जमीन की मापी करने अधिकारी पहुंचे हैं.
कहा कि उन लोगों द्वारा गुरुवार को गांव में बैठक कर ग्रामीणों को इस मामले में जानकारी दी जायेगी. इसके बाद ग्रामीणों की उपस्थिति में खाली पड़ी जमीन की मापी की जायेगी. उन्हें इस बात का भय है कि ग्रामीणों के बगैर अनुपस्थिति में जमीन की मापी में कोई गड़बड़ी न हो जाये, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़े.
